केरल में भारी बारिश, हाई अलर्ट घोषित, लोगों के लिए बनाये जा रहे राहत शिविर

जिला, तालुक और पंचायत स्तर पर बने कंट्रोल रूम

तिरुवनंतपुरम: केरल के कई हिस्सों में गुरुवार रात से बारिश हो रही है। तिरुवनंतपुरम में अरुविक्कारा बांध में पानी के तेज बहाव के कारण बांध के फाटक गुरुवार रात को खोल दिये गए और लगातार बारिश के कारण करमना और किल्ली नदियों में जलस्तर उफान पर है।

भारी बारिश की चेतावनी के बीच शुक्रवार को हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने लोगों के लिए राहत शिविर शुरू किए हैं और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। केरल के कई हिस्सों में गुरुवार रात से बारिश हो रही है।

साउथ कोल्लम जिले के कई हिस्से डूबे

अधिकारियों ने बताया कि इन नदियों के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। रातभर हुई बारिश के चलते दक्षिणी कोल्लम जिला के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं और पेड़ उखड़ गए हैं।

सबसे ज्यादा प्रभावित हुए केरल के ये जिले

तटीय कोल्लम, अलप्पुझा और एर्णाकुलम जिलों में गुरुवार रात समुद्र में तेज लहरें उठने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। एर्णाकुलम का तटीय गांव चेल्लानम गुरुवार रात से समुद्री हलचल के कारण सबसे अधिक प्रभावित हुए इलाकों में से एक है।

इन जिलों में उठ रहीं समुद्र में तेज लहरें

मलप्पुरम जिला के पोन्नानी में वेलिनाकोड और कोझिकोड के कसाबा में समुद्र में तेज लहरें उठने की सूचना मिली। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कमांडेंट रेखा नांबियार ने बताया कि एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की नौ टीमें केरल भेजी गई हैं।

भूस्खलन होने की स्थिति से निपटने की तैयारी

रेखा ने कहा, ‘वायनाड और इडुक्की जिले भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं। हमने भूस्खलन की स्थिति में जरूरी उपकरण भेजे हैं। कोविड-19 के मद्देनजर वे सभी एहतियात बरत रहे हैं।’

राहत शिविरों के लिए 3,071 भवनों की पहचान

यहां भू राजस्व आयुक्तालय ने बताया कि कुल 87 लोगों को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, इडुक्की और एर्णाकुलम में खोले गए चार राहत शिविरों में भेजा गया है। कुल 3,071 भवनों की पहचान की गई है, जिन्हें राहत शिविर में बदला जाएगा। सूत्रों ने बताया कि इससे एक बार में 4,23,080 लोगों के रहने का इंतजाम हो सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण कई जगहों पर लोग राहत शिविरों में जाने से मना कर रहे हैं। हालांकि आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि शिविरों में महामारी के दिशा निर्देशों के मुताबिक व्यवस्था की गई है।

इन इलाकों में यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में तिरुवनंतपुरम, कोट्टायम, एर्णाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने स्थिति सामान्य होने तक समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है।

जिला, तालुक और पंचायत स्तर पर बने कंट्रोल रूम

केरल राज्य आपदा प्रबधंन प्राधिकार (केएसडीएमए) ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सभी एहतियात बरतने का अनुरोध किया है। विभिन्न जिला प्रशासनों ने भारी बारिश के मद्देनजर राहत अभियानों के संचालन के लिए जिला, तालुक और पंचायत स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए हैं।

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