बस्तर के तीन जिलों में भारी बारिश, 3 करोड़ का नुकसान

बीजापुर।

बारिश के बाद बस्तर, बीजापुर और सुकमा, तीनों जिलों में कहर बरपा है। भारी बारिश के चलते बस्तर के इन तीनों जिलों में करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ओडिशा के खातिगुड़ा बांध के दो दरवाजों को फिर से सुबह खोल दिए जाने के बाद तीनों जिलों में इसका असर दिखने लगा। सुकमा में भारी बारिश के चलते शबरी नदी फिर से उफान पर आ गई है।

शबरी नदी में बैक वॉटर बनने से ज्यादा नुकसान

गोदावरी नदी में जलस्तर बढ़ने से शबरी नदी में बैक वॉटर के चलते ज्यादा नुकसान होता है। रविवार रात करीब 11 बजे भद्राचलम में गोदावरी नदी का जलस्तर 43 फीट रहा, जो सोमवार दोपहर 3 बजे बढ़कर 45.5 फीट तक पहुंच गया। भद्राचलम में गोदावरी के जलस्तर में पहला वार्निंग लेवल 43 तो आखिरी वार्निंग लेवल 53 फीट है।

कोंटा में भी शबरी नदी का जलस्तर दोपहर तीन बजे 13 मीटर को पार कर चुका था। इधर, जगदलपुर में रविवार की रात 10 बजे जलस्तर 5.68 मीटर से बढ़कर सोमवार सुबह 10 बजे 7.01 मीटर पर आ गया। केंद्रीय जल आयोग के एसडीओ जीएस मूर्ति के मुताबिक खातिगुड़ा बांध से पानी छोड़ने के बाद दोपहर 2 बजे नवरंगपुर में जलस्तर 6.55 मीटर तक पहुंच गया। और पाथगुड़म में दोपहर 12 बजे तक की स्थिति में जलस्तर 10.68 मीटर तक आ गया था।

कांकेर में कलेक्टोरेट में भरा पानी

कांकेर जिले में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। सोमवार दोपहर एक बार फिर भारी बारिश हुई और कलेक्टोरेट जलमग्न हो गया। इस साल की बारिश में पांच दिन में यह दूसरी बार है जब कलेक्टोरेट जलमग्न हो गया। बार-बार कलेक्टोरेट में भर रहे पानी को लेकर चौंकाने वाला कारण सामने आया।

अघननगर वार्ड के लोगों ने दुधावा तालाब से आने वाले पानी से अपना घर बचाने वेस्टवियर की ऊंचाई अपने स्तर पर ही कम कर दी। नतीजा बारिश होते ही तालाब का पानी बह कर कलेक्टोरेट में भर गया।

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