एडिप योजना से दिव्यांगजनों को मदद जारी, ऑनलाइन बन रहे यूडीआईडी कार्ड

पूरे देश में दिव्यांगजनों के लिए अब तक 57 लाख कार्ड बन चुके हैं।

दिल्ली: देश में सरकार दिव्यांगजनों के लिए एडिप योजना के जरिए विभिन्न प्रकार के सहायता उपकरण उपलब्ध करा रही है। इस योजना से अब तक 1187 करोड़ राशि से 19.70 लाख दिव्यांगजनों को लाभ पहुंचाया जा चुका है। वहीं कोरोना काल में सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए बनवाए जाने वाले यूनिक डिसऐबिलिटी आईडी कार्ड के लिए दिव्यांगों को दफ्तर का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा बल्कि उन्हें यह यूनिक आईडी कार्ड ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने बताया कि एक दिव्यांगजन एक आई कार्ड के तहत यूडीआई लेकर आए हैं। पूरे देश में दिव्यांगजनों के लिए अब तक 57 लाख कार्ड बन चुके हैं।

दिव्यांगता की कुल 21 श्रेणियां

दरअसल यह कार्य एडिप योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। एडिप योजना 1981 से परिचलन में है, लेकिन इसे 2017 से नए और व्यवस्थित रूप में लागू माना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य टिकाऊ, परिष्कृत और वैज्ञानिक रूप से निर्मित आधुनिक मानक एड्स और उपकरणों की खरीद में जरूरतमंद दिव्यांगों की सहायता करना है। पहले दिव्यांगता की सात श्रेणियां थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर 21 कर दिया। इस फैसले से बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को लाभ की उम्मीद बढ़ गई। सरकार ने चुनौती को स्वीकार किया और इसके लिए काम करना भी शुरू कर दिया।

दिव्यांगजनों का बन रहा राष्ट्रीय डेटाबेस और यूनिक आईडी कार्ड

अधिक से अधिक लोगों को सुगम और सुलभ लाभ मिले, इसके लिए दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने और प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति को एक विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र जारी करने के उद्देश्य से दिव्यांगजनों के लिए अद्वितीय आईडी परियोजना लागू की गई है, जिसमें मंत्रालय सभी राज्यों के 709 जिलों में दिव्यांगजन के लिए यूनिक आईडी कार्ड प्रदान करने पर काम कर रहा है।

इस योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को सहायता उपकरण की विभिन्न श्रेणियां बनाई गई हैं, जिसमें ट्राई साइकिल, व्हील चेयर, वॉकिंग स्टिक, स्मार्ट केन, स्मार्ट फोन, हियरिंग एड, टेट्रापोड और ट्राइपॉड आदि वितरित किए जाते हैं।

वैक्सीनेशन में भी मान्य होगा यूनिक डिसऐबिलिटी आईडेंटीफीकेशन कार्ड

वहीं कोरोना वैक्सीनेशन के लिए भी दिव्यांगजनों को सहूलियत देने के लिए कोविड टीकाकरण को अधिक सुगम व सुविधा जनक बनाने के लिए भारत सरकार ने यूनिक डिसऐबिलिटी आईडेंटीफीकेशन कार्ड को लाभार्थी के टीकाकरण पूर्व वैरिफिकेशन के लिए पहचान दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत दी है। इसके लिए कोविन साॅफ्टवेयर में भी जरूरी प्रावधान कर दिए गए है।

यदि किसी दिव्यांग व्यक्ति के पास यूनिक डिसऐबिलिटी आईडेंटीफीकेशन कार्ड नहीं है ओर उसके पास सक्षम अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाण पत्र है, तो वैक्सीनेशन से पूर्व लाभार्थी द्वारा प्रस्तुत करने पर उसका प्रमाणीकरण कर संबंधित को टीकाकृत किया जाएगा। कोविन में यूडीआईडी कार्ड संख्या के स्थान पर दिव्यांग प्रमाण पत्र संख्या का इन्द्राज किया जाएगा।

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