गांजा तस्कर निकले चलाक, एंबुलेंस में की जा रही थी तस्करी, चार क्विटंल गांजा जब्त

बिलासपुर: गुरुवार को देर शाम वाहन चेकिंग के दौरान एंबुलेंस की तलाशी करते वक़्त एंबुलेंस से चार क्विटंल गांजा जब्त किया है। वहीं आरोपित चालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। वह गांजा ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जा रहा था। पुलिस चालक से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है।

एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि चुनाव आचार संहिता व मतगणना के चलते पुलिस को सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की जांच करने के निर्देश मिले थे। जिसमें दूसरे जिलों व राज्यों से आने वाले वाहनों की सघन जांच करने के कड़े निर्देश दिये गए थे।

आप को बता दें हिर्री थाना प्रभारी शांत कुमार साहू अपनी टीम के साथ पेंड्रीडीह बाइपास पर वाहनों की जांच में लगे थे। तभी डायल 112 की टीम को सूचना मिली कि एक एंबुलेंस में गांजे की तस्करी की जा रही है। जिससे पुलिस टीम भी सक्रिय हो गई और वाहनों की जांच करने लगी।

इस बीच पेंड्रीडीह बाइपास स्थित बोड़सरा के पास पुलिस ने एक संदिग्ध एम्बुलेंस क्रमांक केए 03 एजी 2883 को देखकर रोका। जैसे ही पुलिस ने चालक को रोका वह घबरा गया। इस पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया और एंबुलेंस की तलाशी शुरू की। जिसके बाद एंबुलेंस के अंदर पुलिस ने बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया।

जिसके पश्चात पुलिस ने चालक से पूछताछ शुरू की, तब पता चला कि दिनेश यादव पिता श्यामलाल यादव (25) कोरबा के बाल्को का रहने वाला है। पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई। फिर जब गांजा की तौल की गई, तब गांजे का वजन चार क्विंटल निकला।

पूछताछ में चालक ने गांजा को ओडिशा से उठाकर मध्यप्रदेश सप्लाई करने की जानकारी दी। पुलिस ने चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। वहीं उससे पूछताछ कर उससे जुड़े गिरोह के अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

एंबुलेंस सप्लाई का सबसे सुरक्षित जरिया

ओडिशा से गांजा की तस्करी आम सी बात हो गई है। ज्यादातर तस्कर मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, झारखंड व बिहार समेत अन्य इलाकों में गांजा भेजने के लिए हिर्री बाइपास रोड के साथ ही रतनपुर-पेंड्रा व बिलासपुर-कोटा के साथ ही पेंड्रा, गौरेला व मरवाही क्षेत्र को सुरक्षित रास्ता मानते हैं।

लेकिन, पुलिस की सक्रियता व कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों ने अब और आसान तरीका निकाल लिया है। गांजा तस्कर एंबुलेंस में गांजा सप्लाई करने लगे हैं। क्यों की एंबुलेंस को पुलिस कहीं नहीं रोकती और न ही जांच करती है।

ब्लैक फिल्म देखकर हुआ संदेह

हिर्री पुलिस ने एंबुलेंस रोककर जांच की, तब उसके रजिस्ट्रेशन नंबर को देखकर ही संदेह हो गया। उसमें ब्लैक फिल्म भी लगा हुआ था। साथ ही उसका रजिस्ट्रेशन नंबर कर्नाटक पासिंग का था। पुलिस एंबुलेंस के रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच कर रही है। साथ ही उसके मालिक की पता लगा रही है।

भाग निकला एक तस्कर

पुलिस को देखकर एंबुलेंस में सवार तस्कर चालक को छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने चालक से पूछताछ कर उसकी जानकारी ली। लेकिन, शुरुआत में चालक गोलमोल जवाब देता रहा।

Back to top button