छत्तीसगढ़

बड़े अधिकारियों के इशारों में की गई अवैध ट्रांसफर आदेश को उच्च न्यायालय ने किया स्थगन

लोकनिर्माण सचिव से 4 सफ्ताह में जवाब मांगा

बिलासपुर: आज उच्च न्यायालय के सिंगल बेंच में जस्टिस गौतम भादुरी ने पी डी साय मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग जगदलपुर बस्तर की स्थांतरण याचिका को सुनवाई करते हुऐ, स्थानान्तरण पर स्थगन प्रदान कर पी डब्लू डी विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर 4 सफ्ताह में जवाब मांगा है।

बता दे कि पी डी साय जो कि वर्तमान में मुख्य अभियंता के रूप में लोक निर्माण विभाग जगदलपुर में पदस्थ है ,उनका स्थांतरण जगदलपुर से महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ सड़क निगम रायपुर में किया गया।

उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप दुबे, शांतम अवस्थी के माध्यम से उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, और बताया था कि 15 सितंबर को जारी स्थांतरण आदेश विधि विरुद्ध है, क्योकि उनका स्थांतरण सड़क निगम में किया गया जो कंपनी अधिनियम से गठित हुआ है, उनसे स्थांतरण से पहले उनसे सहमति नही ली गयी, क्योकि सड़क निगम उनका कैडर विभाग नही है।

सड़क निगम के सेटअप में भी लिखा है कि प्रतिनियुक्ति से पद भरे जाएंगे और उनकी जगह जिनका स्थानांतर हुआ है वह उस पद के योग्य नही है, राज्य के परिपत्र के अनुसार भी जूनियर जब तक वरिष्ठ अधिकारी पदस्थ है।

वह किसी कनिष्ठ को पदस्थ नही किया जा सकता, बात दे कि सरकार के सचिव ने स्थांतरण उच्चाधिकारियों के इशारे पर किया था। सुनवाई के पश्चात माननीय न्यायालय ने स्थगन देते हुए लोक निर्माण विभाग के सचिव से 4 सफ्ताह में जवाब मांगा है।

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