छत्तीसगढ़

पंडरी बस स्टैंड में बने कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को लेकर हाई कोर्ट ने दिया एक बड़ा फैसला

2013 में भी इस मामले में याचिका लगाई गई थी

रायपुर/बिलासपुर: राजधानी रायपुर के पंडरी में बने कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को लेकर हाई कोर्ट ने कहा कि कॉम्प्लेक्स निगम की ओर से स्वीकृत नक्शे के अनुसार नहीं बना है। इसलिए जितनी जमीन पर अवैध निर्माण हुआ है उसे तत्काल हटा देना चाहिए। इसके लिए निगम अफसरों को 3 महीने का समय दिया गया है।

हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की बेंच ने कहा है कि इसके लिए याचिकाकर्ता को नगर निगम के पास भी अभ्यावेदन प्रस्तुत करना होगा।

इस मामले में रायपुर के गोविंदा बर्मन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने इस बात की जानकारी दी थी कि पंडरी बस स्टैंड में बना कांप्लेक्स अवैध है क्योंकि जितनी जमीन निगम की ओर से अलॉट की गई थी उससे कहीं ज्यादा जमीन पर नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया है।

इस मामले में यह भी बताया गया कि 2013 में भी इस मामले में याचिका लगाई गई थी। उस समय भी कोर्ट ने अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन सात साल बाद भी रायपुर नगर निगम ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।

हाई कोर्ट ने भी इस मामले में माना कि इस याचिका पर फैसला पहले ही यानी 2013 में जारी हो चुका है। याचिका निराकृत हो चुकी है। ऐसे में निगम को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को भी आदेश दिया कि वे अपना अभ्यावेदन निगम के पास प्रस्तुत करें।

क्योंकि 7 साल बाद उसी निराकृत मामले पर सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने निगम को अभ्यावेदन पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए जनहित याचिका को निराकृत कर दिया है। पंडरी बस स्टैंड के इस कांप्लेक्स को लेकर शुरू से ही विवाद चला आ रहा है।

आरोप है कि बिल्डर को जितनी जगह निगम की ओर से दी गई थी उससे कहीं ज्यादा जमीन पर कांप्लेक्स का निर्माण किया गया है। पीपीपी मोड बने इस कांप्लेक्स में नियमों का भी उल्लंघन किया गया है।

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