पत्‍नी से प्रताड़ना के मामले में आईपीएस सिंह को हाईकोर्ट ने दी राहत

दंतेवाड़ा।

विवादित आईपीएस चंद्रमोहन सिंह को हाईकोर्ट ने राहत दी है, उनकी अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। करीब एक माह पहले दंतेवाड़ा सेशन कोर्ट ने सिंह के याचिका खारिज कर दी थी। जबकि पत्नी को अपशब्द वाले सीडी की फोरेंसिक जांच बाकी है।

सिंह के दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान उनकी पत्नी ने मारपीट सहित अन्य आरोप लगाए थे। जिसकी सत्यता जानने परिवार कल्याण समिति से जानने के बाद कोतवाली थाने में धारा 498-ए का मामला दर्ज किया गया। इसके कुछ दिनों बाद उनका स्थानांतरण दंतेवाड़ा से गरियाबंद के लिए कर दिया। लेकिन मामला दंतेवाड़ा थाने में दर्ज है।

ज्ञात हो कि दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान उनकी पत्नी में प्रताड़ना का आरोप लगाते डीजीपी को शिकायत की थी। इसके बाद आईजी बस्तर ने दंतेवाड़ा पुलिस को मामले की सत्यता जानने तत्कालिन एसपी कमलोचन कश्यप को निर्देशित किया था। तब परिवार कल्याण समिति ने पूरे मामले की छानबीन करते प्रकरण में 498-ए के तथ्य पाए और कोतवाली थाने में अपराध दर्ज किया था।

इधर मामला दर्ज होने के बाद आईपीएस सिंह का स्थानांतरण दंतेवाड़ा से गरियाबंद कर दिया गया। साथ ही उनकी पत्नी भी रायपुर और दिल्ली में रहने लगी हैं। लेकिन मामला दंतेवाड़ा थाने में दर्ज होने से कोतवाली पुलिस आईपीएस की पत्नी और सास का बयान लेने रायपुर और दिल्ली तक दौड़ लगाई। दोनों का बयान दर्ज हो चुका है।

बताया जा रहा है कि आईपीएस की पत्नी ने अपने पक्ष में आडियो सीडी भी पेश किया गया। जिसमें अपशब्दों का प्रयोग करते सिंह की आवाज दर्ज है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सीडी की वास्तविकता जांचने के लिए फोरेंसिक लैब चंडीगढ़ या हैदराबाद भेजा जाएगा।

ज्ञात हो कि आईपीएस सिंह ने उग्र स्वभाव की चर्चा विभाग में भी रहा है। एक बार वे दंतेवाड़ा कोतवाली पहुंच किसी बात पर अपने मातहतों पर भी हाथ छोड़ चुके हैं। इस मामले में चोटिल एएसआई स्तर के अधिकारियों को चोटें भी आई थी। जिसकी शिकायत भी विभाग में किया गया है।

-इनका कहना है

आईपीएस चंद्रमोहन सिंह को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। उनकी पत्नी और सास का बयान भी दर्ज किया जा चुका है। जल्द ही न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।

-राजेंद्र यादव, कोतवाली टीआई

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