रकुल की अर्जी पर हाई कोर्ट ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को जारी किया नोटिस

नोटिस रकुल को लेकर चलने वाली नेगेटिव खबरों से संबंधित

नई दिल्ली:दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुडे़ ड्रग्स मामले में भारतीय एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह की अर्जी पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को एक नोटिस जारी किया.

सूचना और प्रसारण मंत्रालय को एक नोटिस जारी कर दिया है. यह नोटिस रकुल को लेकर चलने वाली नेगेटिव खबरों से संबंधित है. जिसे लेकर रकुल ने यह आरोप लगाया था कि उनकी इमेज मीडिय ट्रायल के कारण खराब हो रही है.

रकुल ने अपने के वकील के जरिए कोर्ट में कहा, ‘मीडिया ट्रायल वजह से मेरी सामाजिक इमेज खराब हो रही है. साथ ही परिवार और दोस्तों पर भी खराब असर पड़ रहा है. इसलिए मीडिया पर मेरी से जुड़ी किसी भी खबर को दिखलाने पर रोक लगाई जाए. मीडिया में दिखाई जा रही रिपोर्ट का सुशांत सिंह राजपूत के केस में हो रहे ट्रायल पर भी गलत असर पड़ेगा.

एनसीबी ने मुझे पेश होना का आदेश दिया था मैं उनके सामने पेश हुई लेकिन मेरे पेश होने से पहले ही मीडिया ने घर को घेर लिया.’ इसके आगे कहा गया है, ‘जबकि मैं हैदराबाद में थी और तब तक मुझे नोटिस मिला भी नहीं था.’

कोर्ट ने दी ये सलाह

इसके बाद अब कोर्ट ने कहा कि अगर इस मामले में मीडिया गलत रिपोर्टिंग कर हैं तब तो आप उनकी शिकायत आई एंड बी मिनिस्ट्री से कर सकते हैं या फिर आप उन चैनलों के खिलाफ सिविल सूट दायर कर सकती हैं, जिन पर आप आरोप लगा रही हैं. कि उन्होंने गलत या छवि खराब करने वाली खबर आपके खिलाफ चलाई है.

रकुल ने कहा, ‘मेरे खिलाफ खबर चलाई जा रही है की मैंने ड्रग्स का सेवन किया आगे लोगों को दिया जबकि मैं न स्मोक करती हूं और न ही शराब की सेवन करती हूं. ऐसी हालत में मेरे खिलाफ लगातार खबर चल रही हैं. मेरी इमेज को खराब किया जा रहा है. मैं कहां जाउं, क्या करूं?’

जांच पर सीधा असर

केंद्र की तरफ से हाई कोर्ट में कहा गया कि ऐसे समय मे हाई कोर्ट का कोई भी आदेश सीबीआई द्वारा की जा रही जांच पर सीधा असर डाल सकता है. रकुल प्रीत की आर्टिकल 19 में एक बैलेंस बनाने की जरूरत है. हाई कोर्ट ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया.

प्रसार भारती ने क्या कहा

प्रसार भारती ने कोर्ट से कहा कि इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है और निजी चैनलों पर कोई कंट्रोल नहीं है. लिहाजा उसे पार्टी न बनाया जाए. नेशनल ब्रॉडकास्टर के तरफ से कोर्ट में कहा गया कि जो चैनल उसका सदस्य नहीं है. उसको कैसे वो कुछ कह सकता है.

एनबीए को भी हाई कोर्ट से नोटिस कोर्ट ने रकुल प्रीत सिंह की अर्जी पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने को कहा. दिल्ली हाई कोर्ट ने ब्रॉडकास्ट एसोसिएशन को भी अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने दूसरी बार भी रकुल प्रीत की अर्जी पर किसी भी मीडिया हाउस को रकुल प्रीत की खबर को दिखाने पर रोक नहीं लगाई है.

इससे पहले 17 सितंबर को भी रकुल ने हाई कोर्ट में मीडिया गैंग ऑर्डर के लिए अर्जी लगाई थी. 15 oct को इस मामले में अगली सुनवाई होगी. सूचना प्रसारण मंत्रालय, एनबीए, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को 15 oct से पहले जवाब दायर करना है.

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