हाईकोर्ट: व्यावसायिक वाहनों की एक मुश्त लाइफटाइम टैक्स वसूली का आदेश रद्द

व्यावसायिक भारी वाहनों की एक मुश्त लाइफटाइम टैक्स वसूली के आदेश को रद्द

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मोटरयान कराधान संशोधन अधिनियम 2016 लागू होने से पहले खरीदे गए व्यावसायिक भारी वाहनों की एक मुश्त लाइफटाइम टैक्स वसूली के आदेश को रद्द कर दिया है। बता दें कि अधिनियम लागू होने से पहले खरीदे गए जेसीबी, क्रेन समेत अन्य मशीनों पर तिमाही टैक्स ही देय होगा.

राज्य शासन ने मोटरयान कराधान संशोधन अधिनियम 15 फरवरी 2016 को लागू किया था। इसके अनुसार भारी व्यावसायिक वाहनों की कुल कीमत का 7 प्रतिशत लाइफटाइम टैक्स लेने का आदेश दिया है। इस नियम के खिलाफ यशवंत कुमार समेत 50 से भी ज्यादा लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.

याचिका में कहा गया है कि मोटरयान कराधान संशोधन अधिनियम लागू होने से पहले खरीदे गए वाहनों पर यह नियम लागू नहीं होगा। इनसे लाइफटाइम टैक्स नहीं लिया जा सकता। वहीं पुराने वाहनों पर पूर्व के अधिनियम के अनुसार तिमाही टैक्स ही लिया जा सकता है। भारी व्यावसायिक वाहन मालिक 1275 रुपए तिमाही टैक्स जमा कर रहे हैं.

लिहाजा, कोर्ट ने जुलाई 2017 में संशोधित अधिनियम लागू होने से पहले खरीदी के व्यावसायिक भारी वाहनों पर लाइफटाइम टैक्स वसूली पर रोक लगा दी थी। मामले में कोर्ट ने अंतिम सुनवाई के बाद शासन के संशोधन लागू होने के पूर्व खरीदे गए वाहन के लाइफटाइम टैक्स लिए जाने के आदेश को रद्द कर दिया है.

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