हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड सीईओ के आदेश पर लगाई रोक

अंकित मिंज

बिलासपुर।

जस्टिस आरसीएस सामंत की वेकेशन बेंच ने 22 दिसंबर को छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा लुतरा शरीफ के वार्षिक उर्स संचालन के लिए गठित कमेटी को अवैधानिक मानते हुए जारी आदेश पर रोक लगा दी है। लुतरा शरीफ में पिछले 18 वर्षों से कमेटी का कामकाज देख रही इंतेजामिया कमेटी को राज्य वक्फ बोर्ड ने 10 सितंबर 2018 को पद से हटा दिया था। इसके बाद नई इंतेजामिया कमेटी हाजी सैयद अकबर बख्शी की सदारत में 19 सिंतबर 2018 को नई कमेटी गठित करने का आदेश दिया, जो वर्तमान में कार्यरत है।

वक्फ बोर्ड के उक्त आदेश के विरुद्ध इंतेजामिया कमेटी द्वारा छग राज्य कमेटी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया, जो अभी तक लंबित है। उक्त प्रकरण में राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल द्वारा वार्षिक उर्स के संचालन के लिए 7 सदस्यीय कमेटी के गठन का आदेश दिया गया।

उक्त आदेश के परिपालन में 7 सदस्यीय कमेटी गठित की गई, जिसमें सैयद राशिद अली, इम्तेयाज अली, आशिफ अहमत, हाजी आदम मेनन, मो. इस्माइल खान, कय्यूम मो. कुरैशी और ताज की का नाम शामिल है। ये कमेटी 19 दिसंबर को गठित की गई। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा कमेटी गठित होने के बाद कार्य शुरु कर दी गई।

इसी बीच राज्य वक्फ बोर्ड के सीईओ द्वारा अपने बोर्ड अध्यक्ष के आदेश ककी अनदेखी करते हुए बिना किसी अधिकार के 7 सदस्यीय एक नई कमेटी का गठन 20 दिंसबर को कर दिया गया। मामले की जानकारी होने पर पूर्व 7 सदस्यीय कमेटी ने अधिवक्ता हमीदा की और शौकत अली के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका लगाई गई।

जस्टिस आरसीएस सामंत की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद सीईओ द्वारा 20 दिसंबर को गठित नई कमेटी को अवैधानिक मानते हुए 24 से 29 दिंसबर तक होने वाले उर्स संचालन की जिम्मेदारी पूर्व कमेटी को दी हैए जिसे राज्य वक्फ बोर्ड ने मंजूरी दी है।

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