हाई कोर्ट ने कहा वैक्सीन का हो सही उपयोग, बचे हुए टीकों का दूसरे केंद्रों में किया जाए

प्रदेश में 18 प्लस टीकाकरण को लेकर चल रही जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने शासन को निर्देशित किया है कि टीकाकरण केंद्रों में वैक्सीन खराब नहीं होना चाहिए।

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा
बिलासपुर : प्रदेश में 18 प्लस टीकाकरण को लेकर चल रही जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने शासन को निर्देशित किया है कि टीकाकरण केंद्रों में वैक्सीन खराब नहीं होना चाहिए। किसी केंद्र में वैक्सीन बचने की स्थिति में उसका उपयोग दूसरे केंद्रों में किया जाए। इससे पहले इस मामले में राज्य शासन ने याचिकाकर्ताओं के द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों पर जवाब के लिए समय मांगा। लिहाजा, कोर्ट ने मामले की सुनवाई 4 जून तक के लिए टाल दी है। शुक्रवार की सुबह जस्टिस प्रशांत मिश्रा व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ में इस प्रकरण की सुनवाई शुरू हुई।

इस दौरान शासन की तरफ से बताया गया कि प्रकरण में याचिकाकर्ता वरूणेंद्र मिश्रा के वकील राकेश पांडेय सहित अन्य हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें कुछ दस्तावेज शासन के वकील को कल मिल गया था। जबकि, कुछ आज सुनवाई से पहले मिले। अधिवक्ता पांडेय ने वैक्सीन की बर्बादी का जिक्र करते हुए दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने बताया कि 45 प्लस का टीकाकरण चल रहा था, तब कितनी मात्रा में टीकों के डोज खराब हुए।

शासकीय अधिवक्ताओं ने दस्तावेजों का अध्ययन व बहस के लिए समय मांगा, जिसे युगलपीठ ने स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई चार जून तक बढ़ा दी है। इस दौरान हाई कोर्ट ने यह निर्देशित किया है कि शासन यह तय करे कि केंद्रों में टीकों की बर्बादी न हो। जिन केंद्रों में टीका बच गया है, उसका उपयोग उसी दिन दूसरे केंद्रों में किया जाए। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता किशोर भादुड़ी, संदीप दुबे, अभिषेक सिन्हा, आशीष श्रीवास्तव, पलाश तिवारी, अनुमेह श्रीवास्तव, सुदीप श्रीवास्तव, एवी श्रीधर, देवर्षि ठाकुर, हिमांशु चौबे उपस्थित हुए।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button