उच्च शिक्षण संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने की मुहिम होगी तेज

नई दिल्ली : उच्च शिक्षण संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने की मुहिम अब और तेज होगी। सरकार ने जल्द ही कुछ और संस्थानों को इनमें शामिल करने के संकेत दिए हैं। फिलहाल इस मुहिम ने उस समय जोर पकड़ा है, जब हाल ही में यूजीसी ने 19 और संस्थानों को इनमें शामिल करने की सिफारिश की है।

इससे पहले भी यूजीसी की पांच संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने की सिफारिशें लंबित हैं। सरकार ने अब तक सिर्फ छह संस्थानों को ही विश्वस्तरीय बनाने की मुहिम से जोड़ा है। इनमें आइआइटी बांबे, दिल्ली के साथ आइआइएससी बेंगलोर सहित तीन निजी क्षेत्र के संस्थान शामिल हैं।

सरकार की ओर यह संकेत तब आया है, जब विश्वस्तरीय संस्थानों के चयन से जुड़ी उच्चस्तरीय विशेषज्ञ कमेटी (ईसीसी) ने पहली खेप में घोषित छह संस्थानों की प्रगति का ब्योरा लिया है। साथ ही जल्द ही इससे जुड़ी रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी देने को कहा है। खास बात यह है कि कमेटी ने इनमें जियो संस्थान की प्रगति को लेकर भी सरकार को रिपोर्ट दी है।

तय नियमों के तहत संस्थानों को मंजूरी मिलने के साल भर के भीतर इसे लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी व आए बदलावों का ब्योरा देना है। इसी बीच यूजीसी ने इस कतार में खड़े दूसरे संस्थानों की सिफारिशों को लेकर भी चर्चा की है। हालांकि कमेटी ने इस बात पर सहमति दी है, कि पहले की सिफारिशें मंजूर किए जाने के बाद ही नई पर विचार होगा।

उच्च शिक्षण संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने की इस मुहिम में शामिल होने के लिए फिलहाल देश के करीब 114 संस्थानों ने आवेदन किया है। इनमें से अब तक करीब तीस संस्थानों को परखने के बाद यूजीसी ने इन्हें विश्वस्तरीय बनाने की मुहिम में शामिल करने की सिफारिश की है। इनमें से छह संस्थानों को सरकार ने भी मंजूरी दे दी है।

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