राष्ट्रीय

कई दिनों से चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को हाईकोर्ट ने किया खत्म

स्टे लगाए जाने को लेकर 12 नवंबर को सुनवाई

चंडीगढ़:

हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पिछले अठारह दिनों से चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को खत्म कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार व पुलिस भी इसमें कल तक कोई गिरफ्तारी न करे।

चीफ ने कहा कि हड़ताल से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, समाधान केवल बातचीत से होगा, लेकिन पहले आप स्ट्राइक वापिस लें। जिसपर यूनियन नेताओं ने कोर्ट में कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है।

कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि जिस पॉलिसी के कारण हड़ताल शुरू की गई उस पॉलिसी पर स्टे लगाया जाए। जिसपर हाईकोर्ट ने कहा इस स्टे लगाए जाने को लेकर हम 12 नवंबर को सुनवाई करेंगे जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।

हाईकोर्ट ने कहा है कि पॉलिसी पर दस दिनों के बाद सरकार व कर्मचारियों की बात करवाई जाएगी, यदि बात नहीं बनी तो यह मामला हम सुनेंगे। कोर्ट ने सरकार को भी इस दौरान हुए उत्पीडऩ की सभी कार्यवाही को निष्क्रिय करने को कहा है।

अब पुलिस व सरकार अगली सुनवाई तक ट्रांसपोर्ट विभाग के किसी भी कर्मी की गिरफ्तारी नहीं करेगी। हाईकोर्ट ने कहा कि निलंबित, बर्खास्त व अन्य कार्यवाही से प्रभावित कर्मियों की ड्यूटी जॉइन करवाना सरकार का दायित्व होगा।

हड़ताल के दौरान एस्मा तहत हुई कार्रवाईयां भी रद्द होंगी। रोडवेज हड़ताल का समर्थन अन्य विभागों के कर्मचारियों के खिलाफ भी कोई कार्यवाही न की जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि हड़ताल वापिस कर सभी कर्मचारी कल 10 बजे से ड्यूटी पर लौटेंगे। यदि वे ड्यूटी पर नहीं लौटते तो सरकार कार्यवाही कर सकती है।

बता दें कि हरियाणा सरकार ने 720 प्राईवेट बसों को प्रति किलोमीटर के हिसाब से रोडवेज में शामिल करना चाहती है, जिसमें से 510 बसों को लेकर टेंडर भी स्वीकार कर लिया गया है।

रोडवेज कर्मचारी 720 निजी नई बसों को परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल करने की योजना के खिलाफ 16 अक्टूबर से हड़ताल शुरू की थी। जिसके बाद से कर्मचारियों और सरकार में काफी उठापटक होती रही। जिसके बाद इस मामले को हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और हाईकोर्ट ने कर्मचारियों हड़ताल खत्म करवाई।

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कई दिनों से चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को हाईकोर्ट ने किया खत्म
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