हिमाचल के इस गांव ने वोट देने के बदले मांगा ‘हेलिपैड’

रोहतांग पास से लाहौल स्पीति वैली जाते वक्त दूर हिमाचल की चंद्रभागा पर्वतश्रेणी पर आपको छोटे-छोटे घर नजर आते हैं।

पास जाने पर आपको समझ आता है कि यह पूरा एक गांव है जहां लोग घरों से लेकर दुकानों तक में दिखते हैं।

यह लाहौल-स्पीति की पहली पंचायत कोकसर है, जो तीन छोटे गांवों कोकसर, डिंपुक और रमथांग से मिलकर बनी है। इस चुनाव कोकसर एक वोट करने के बदले हेलिपैड की मांग लेकर आया है।

ठंड के मौसम में कोकसर के सारे लोग तीन-चार महीने के लिए अपना गांव छोड़कर कुल्लू जैसे गर्म इलाके में चले जाते हैं।

हद से ज्यादा ठंड की वजह से उन दिनों के लिए कोकसर का संपर्क बाकी हिमाचल से टूट जाता है।

9 नवंबर को हिमाचल में विधानसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान में यह गांव भी हिस्सा लेगा।

450 निवासियों और 300 मतदाताओं वाले इस गांव ने वोट करने के बदले नेताओं के सामने एक अनोखी मांग रखी है।

गांव ने एक हेलिपैड की मांग रखी है, और यह मांग किसी शौक से न जुड़ी होकर यहां के लोगों की जरूरत से जुड़ी है।

बर्फबारी के वक्त यह गांव पूरी तरह से कट जाता है और यहां खाने-पीने की चीजें भी पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

लोगों को उम्मीद है कि एक चॉपर अगर गांव आ सके तो उनकी यह परेशानी दूर हो जाएगी।

स्थानीय लोग बताते हैं कि अगर भारी बर्फबारी के वक्त अगर कोई बीमार पड़ जाए तो आप कुछ नहीं कर सकते।

यहां रमथांग में रहने वाले सुदर्शन कुमार बताते हैं कि कई बार मौसम इतना खराब हो जाता है कि आप दो किलोमीटर दूर पड़ोस के गांव डिंपुक तक नहीं जा सकते, उम्मीद है कि चॉपर लिंक से जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।

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