हाईकोर्ट में 5 साल की वकालत करने के बाद असम के अगले मुख्यमंत्री होंगे हिमंत

हिमंत के असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज होने को महज औपचारिकता माना जा रहा

नई दिल्ली:हाईकोर्ट में 5 साल की वकालत करने के बाद हिमंत बिस्व सरमा असम के अगले मुख्यमंत्री होंगे. हिमंत के असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज होने को महज औपचारिकता माना जा रहा है. हिमंत ने छात्र जीवन में ही राजनीति का ककहरा सीखा और सियासत में आते ही छा गए थे.

हिमंत बिस्व सरमा साल 1991-92 में गुवाहाटी के कॉटन कॉलेज यूनियन सोसाइटी के जनरल सेक्रेटरी रहे थे. हिमंत 2001 के विधानसभा चुनाव में असम की जालुकबारी सीट से पहली बार चुनाव मैदान में उतरे और जीते. पहली बार विधानसभा पहुंचे हेमंत को तरुण गोगोई ने कैबिनेट मंत्री बना दिया.

हिमंत 2006 और 2011 के विधानसभा चुनाव में भी जालुकबारी से जीते और तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बने. साल 2001 में पहली बार विधायक बनने से लेकर 2016 तक, चार बार विधायक रहे हिमंत चारो बार सरकार में कैबिनेट मंत्री बने. साल 2011 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत के पीछे हिमंत की बड़ी भूमिका मानी जाती है.

साल 2014 में हिमंत की सीएम तरुण गोगोई से अनबन शुरू हुई. 21 जुलाई 2014 को हिमंत ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. कहा यही जाता है कि हिमंत अपने राजनीतिक गुरु तरुण गोगोई से इसलिए नाराज हुए क्योंकि वे अपने पुत्र गौरव गोगोई को आगे बढ़ाने लगे थे.

अमित शाह के घर ज्वाइन की थी बीजेपी

हिमंत बिस्व सरमा ने 23 अगस्त 2015 को बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के घर पर बीजेपी का दामन थाम लिया था. बीजेपी ने साल 2016 के विधानसभा चुनाव के लिए हिमंत को संयोजक बना दिया और उसके बाद जो हुआ वह इतिहास है. बीजेपी ने तरुण गोगोई की सरकार को उखाड़ फेंका. बीजेपी ने अकेले दम 60 विधानसभा सीटें जीतीं और कांग्रेस पार्टी महज 26 सीटों पर सिमट गई. बीजेपी की इस जीत में भी असम की सियासत में रचे-बसे हिमंत बिस्व सरमा का बड़ा रोल माना गया.

हिमंत ने हाईकोर्ट में 5 साल की वकालत

गुवाहाटी के गांधी बस्ती उलूबरी में 1 फरवरी 1969 को जन्में हिमंत बिस्व सरमा ने कामरूप अकादमी से स्कूली पढ़ाई की और साल 1985 में आगे की पढ़ाई के लिए कॉटन कॉलेज गुवाहाटी में दाखिला लिया. साल 1990 में हिमंत ने ग्रेजुएशन, 1992 में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. हिमंत ने सरकारी लॉ कॉलेज से एलएलबी किया और गुवाहाटी कॉलेज से पीएचडी की उपाधि ली. हिमंत ने साल 1996 से 2001 तक, पांच साल तक गुवाहाटी हाईकोर्ट में प्रैक्टिस भी की. हिमंत के पिता कैलाश नाथ शर्मा का निधन हो गया था जबकि माता मृणालिनी देवी हैं. हिमंत की रिनिकी भुयान से शादी हुई. दोनों के दो बच्चे हैं.

राहुल पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ते

सियासत के शुरुआती दिनों में कांग्रेस विरोधी रहे हिमंत बाद में कांग्रेस में ही शामिल हो गए थे. वे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ते. साल 2016 में हिमंत ने दावा किया था कि राहुल गांधी नेताओं से बात करने की अपेक्षा अपने कुत्तों के साथ खेलना अधिक पसंद करते हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि हम असम में घुसपैठ के खिलाफ थे.

हिमंत ने कहा था कि कांग्रेस भी यही चाहती थी लेकिन राहुल गांधी का झुकाव यूडीएफ की ओर होने लगा और यह बढ़ता रहा. अब बीजेपी में हूं तब भी घुसपैठ के खिलाफ हूं. मैंने कोर चीजें छोड़ी नहीं. हाल ही में बात करते हुए उन्होंने कहा था कि जब तक राहुल गांधी कांग्रेस का चेहरा रहेंगे तब तक बीजेपी को इसका फायदा मिलता रहेगा.

मास्क को लेकर बयान से भी चर्चा में रहे हिमंत

हिमंत बिस्व सरमा ने असम विधानसभा चुनाव के दौरान दी दिए इंटरव्यू में कहा था कि मास्क की कोई जरूरत नहीं है. केंद्र सरकार अपना निर्देश दे लेकिन असम के विषय में बात करें तो यहां कोरोना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा था कि बेकार का पैनिक क्यों क्रिएट करें. जब होगा तब बता दूंगा लोगों को कि आज से मास्क पहनो. इस बयान को लेकर हेमंत की खूब आलोचना भी हुई थी.

विरोधी भी देते हैं हिमंत के व्यक्तित्व की दाद

असम की सियासत के कद्दावर हिमंत की गिनती उन चंद नेताओं में होती है, जिनकी दाद विरोधी भी देते हैं. अभी कुछ दिन पहले दी लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस की गठबंधन सहयोगी रही यूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल ने भी हिमंत की दाद देते हुए कहा था कि उस आदमी में कोई तो खास बात है. कांग्रेस की सरकार में भी मंत्री रहा और बीजेपी की सरकार में भी मंत्री है. उन्होंने कहा था कि हिमंत के पास जो भी जाता है, खाली हाथ नहीं लौटता. वो (हिमंत) दोस्तों का दोस्त है और दुश्मनों का दुश्मन है.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button