आप का मोहल्ला क्लीनिक खुद हो गया हैं बीमार

आम आदमी पार्टी का ड्रीम प्रोजेक्ट मोहल्ला क्लीनिक

आम आदमी पार्टी के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहल्ला क्लीनिक की स्थिति किन इन दिनों हालातो को देखकर लगाई जा सकती हैं कहीं मोहल्ला क्लीनिक के अंदर घोड़े बंधे हुए हैं तो कहीं मोहल्ला क्लीनिक के पोर्टा केबिन को स्मैकियों और चोर उच्चकों ने अपना अड्डा बनाया है.

वही महारानी बाग का मोहल्ला क्लीनिक देखने में ज़बरदस्त लगता है. दरवाजे पर ताला भी लगा हुआ है, लेकिन खिड़की टूटी है. जब हमने टूटी ख़िड़की से झांक कर अंदर देखा तो हक़ीकत बिलकुल अलग निकली. पूरा मोहल्ला क्लीनिक अंदर से खंडहर में तब्दील हो चुका है. अंदर पूरी छत गिरी पड़ी है. अंदर स्मैकिये मोहल्ला क्लीनिक को अपना अड्डा बनाए हुए हैं.

महारानी बाग का मोहल्ला क्लीनिक एक साल पहले बना था. यहां शुरुआत में कुछ दिन डॉक्टर और मरीज़ तो आए, लेकिन एक बार ऐसी चोरी हुई कि तब से यहां न डॉक्टर हैं न मरीज़.

दूसरी तरफ, कर्दमपुरी का मोहल्ला क्लीनिक एक साल पहले बनकर तैयार हो गया था, लेकिन आज तक उद्घाटन नहीं हुआ. नतीजतन जहां इंसान का इलाज होना चाहिए था वहां आज घोड़े व गधे आराम फ़र्माते हैं. अंदर उनका चारा पड़ा हुआ है और उनकी बुग्गी भी. बगल में बह रहे नाले की ऐसी दुर्गंध है कि खड़ा होना मुश्किल है.

आज़ादपुर मोहल्ला क्लीनिक के बाहर भी रेहड़ी पार्क हैं और आसपास कबाड़ का ढेर लगा हुआ है. लोग बताते हैं कि ये सिर्फ़ हफ़्ते में एक दो बार ही ख़ुलती है जबकि नियम के मुताबिक सोमवार से शनिवार सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक खुलनी चाहिए. गोकुलपुरी का भी मोहल्ला क्लीनिक कई महीनों से बंद पड़ा है. लोग बताते हैं कि यहां दिनभर मरीज़ आते हैं, लेकिन बंद ताला देख कर लौट जाते हैं.

हालांकि जब स्वास्थ्य विभाग सीधे दिल्ली सरकार के अधीन है तो हर समस्या के लिए अधिकारियों को दोष देना कितना सही है?

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