उत्तर प्रदेश

हिंदी न अंग्रेजी, इस भाषा में छपवाया शादी का कार्ड, रस्में भी परंपरागत

मीनाक्षी ने बताया कि सीमित खर्च में पूरा विवाह कराया जाएगा

हिंदी न अंग्रेजी, इस भाषा में छपवाया शादी का कार्ड, रस्में भी परंपरागत

संस्कृत से दूर भागती युवा पीढ़ी को समस्त भाषाओं की जननी संस्कृत का महत्व समझाने का बीड़ा मेरठ शहर के युगल ने उठाया है। संस्कृत शिक्षक अर्जुन व मीनाक्षी ने अपने विवाह में केवल मंत्रोच्चारण नहीं, बल्कि स्वागत, मेन्यू, प्लेकार्ड्स भी संस्कृत में कराने की तैयारी की है। 16 फरवरी को विवाह बंधन में बंधने वाले अर्जुन-मीनाक्षी ने संस्कृत में निमंत्रण पत्र बांटे हैं। विवाह स्थल पर अन्य सभी कार्य भी संस्कृत के साथ संपन्न होंगे। मुजफ्फरपुर निवासी अर्जुन का विवाह, मेरठ मुल्तान नगर की मीनाक्षी के साथ हो रहा है। अर्जुन संस्कृत भारती के प्रचारक व निजी विद्यालय में संस्कृत शिक्षक हैं। बनारस संपूर्णानंद विवि से शास्त्री की शिक्षा लेकर मेरठ कॉलेज से अर्जुन ने एमए किया। उनके मित्र नील कमल ने ही यह रिश्ता तय कराया। निजी विद्यालय में संस्कृत की शिक्षिका मीनाक्षी नीलकमल की छात्रा हैं।

अर्जुन कहते हैं संस्कृत महज एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कार है। हमारी संस्कृति का अंग है। इसलिए हमने तय किया कि हम संपूर्ण विवाह कार्यक्रम संस्कृत में संपन्न कराएंगे। वर-वधू के इस निर्णय को दोनों परिवारों ने सराहा। दोनों पक्षों ने निमंत्रण पत्र संस्कृत में प्रकाशित कराकर बांटे हैं। बारात के स्वागत में स्वस्ति वाचन होगा। हर व्यक्ति धोती-कुर्ता धारण करेगा। महिलाएं परंपरागत परिधान साड़ी पहनेंगी।

मीनाक्षी ने बताया कि सीमित खर्च में पूरा विवाह कराया जाएगा। आरजी कॉलेज में संस्कृत की एचओडी डॉ. पूनम लखनपाल एवं संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वाचस्पति ने भी इस विवाह आयोजन पर सहमति जताई। दोनों गुरुजनों के मत से यह आयोजन संस्कृत में होगा, ताकि संस्कृत को प्रचार-प्रसार मिले। युवा पीढ़ी संस्कृत व संस्कृति का महत्व समझे। शादी बागपत रोड स्थित कृष्णा प्रधान फॉर्म हाउस में होगी।

Tags
advt

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.