वनवासियों के अपराध वापसी का फैसला ऐतिहासिक : भाजपा

रायपुर।

छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने वनवासियों से जुड़े लगभग 20 हजार अपराध वापस लेने का फैसला लिया है। मंत्री महेश गागड़ा, केदार कश्यप व विधायक राजशरण भगत ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा केबिनेट बैठक में लिये गए इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि वन क्षेत्रों में रहने वाले वनवासियों के हित में यह ऐतिहासिक फैसला है।

इससे 20 हजार रूपये तक के जुर्माने के मामले शामिल होंगे, जिससे इन गरीब वनवासियों को ऐसे मामलों से छुटकारा मिलेगा जिनकी वजह से वे परेशान होते रहे हैं। पहली भाजपा सरकार में भी 2 लाख से अधिक आदिवासियों पर से मामले वापस लिए गये थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने वनवासियों के हित में लगातार प्रयास करने उनकी हालत में व्यापक सुधार किया है। वनवासियों को वनभूमि पट्टे वितरित किये हैं। उन्हें वनोपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है और तेंदूपत्ता संग्रह करने वालों को पर्याप्त प्रतिफल के साथ ही बोनस का वितरण किया है।

वनवासियों के उत्थान की शुरूआत ही भाजपा के सत्ता में आने के बाद हो सकी है। कांग्रेस के 60 सालों के राज में बिचौलियों और नक्सलियों द्वारा वनवासियों का भरपूर शोषण होता रहा।

वनवासियों की दशा सुधारने, उन्हें उनका हक देने की दिशा में कभी काई सार्थक पहल नहीं हुई। लेकिन 2003 में प्रदेश की सत्ता में आने के फौरन बाद भाजपा सरकार ने वनवासियों के जीवन में छाये अंधकार को दूर करने प्रभावी उपाय शुरू किये।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वनवासियों के प्रति कितनी अधिक संवेदना है, इसका प्रमाण है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वनवासियों-आदिवासियों को चरण पादुकाएं उपलब्ध कराई तो प्रधानमंत्री मोदी जी ने बीजापुर के जांगला में आदिवासी बुजुर्ग महिला को अपने हाथों से चरणपादुका पहनाई। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा वनवासियों-आदिवासियों का शोषण करती रही जबकि भाजपा सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों तक विकास का उजियारा पहुंचाया है।

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