छत्तीसगढ़

हिस्ट्रीशीटरों की पेंडिंग फाईलें खुलेंगी,अपराधियों पर लगाम कसने का खाका तैयार

SP संतोष कुमार सिंह का क्राइम पर ‛जीरो टालरेंस’ अभियान शुरु..!

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

  • अब धरना, आंदोलन पर भी दिखेगी खाकी की सख्ती
  • समाज मे दहशत का पर्याय बने और पुलिस के सिरदर्द होंगें सलाखों के पीछे

रायगढ़ : लाक डाऊन मे राहत मिलते ही पुलिस महकमा अब जरुरी और पेंडिंग केस फाइल पर पिछले तीन माह से पड़ी धूल छांटते देखा जा रहा है।जिले के जिम्मेदार आईपीएस संतोष कुमार सिंह के क्राइम पर जीरो टालरेंस के इस अभियान के अंतर्गत सभी थानाध्यक्षों को अपने थानों मे लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दियै गये हैं। इस संबंध मे  एसपी संतोष कुमार सिंह ने बीते सप्ताह कन्ट्रोल रुम मे विभागीय बैठक लेकर विभिन्न थानों की लंबित मामलों की समीक्षा की।

समीक्षा के क्रम में रिपोर्टिंग कांडों से अधिक निष्पादन पर सभी थाना प्रभारियों को शाबाशी दी।उन्होंने सभी थाना अध्यक्षों से अपने-अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर सघन गश्ती अभियान चलाने का निर्देश दिया साथ ही  बैठक में वारंटों का तामिल एवं फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, कुर्की जब्ती हर हाल में सुनिश्चित करने की बात कही।

अवैध शराब और रेत माफियाओ पर अंकुश लगाने

बैठक में हाल के दिनों में हुई आपराधिक मामलों के उद्भेदन की दिशा में की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली गई। एसपी ने अवैध शराब और रेत माफियाओ पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया।

इस समीक्षा बैठक मे ही एसपी संतोष कुमार ने विभिन्न थाना प्रभारियों को अपराध एवं अपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने का निर्देश दे दिये थे । उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रित करें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों से तत्पर होकर कार्य करने एवं थाना आने वाले व्यक्तियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसका ख्याल रखते हुए काम करने को कहा।

पुलिस का मुख्य कार्य केवल अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण करना नहीं है बल्कि

एसपी सिंह ने निर्देशित करते हुुए कहा कि पुलिस का मुख्य कार्य केवल अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण करना नहीं है बल्कि समाज के साथ मिलकर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था को भी कायम रखना है। अपराधों की तफ्तीशों का निपटारा शीघ्र कर फरार अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार करें। संपत्ति विरुद्ध अपराधों पर भी अंकुश लगाया जाए। इसके अतिरिक्त सभी थाना प्रभारियों एवं चौकी प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में नशेड़ियों, शरारती एवं असमाजिक तत्वों की पहचान करके उनके साथ सख्ती से पेश आएं ताकि शांति एवं कानून व्यवस्था सामान्य रह सके।

एसपी ने कहा कि अब शहर अथवा जिले मे बगैर प्रशासनिक  अनुमति के धरना या प्रदर्शन करने पर भी पुलिस सख्ति से निपटेगी। वहीं आधुनिक तकनीकी एवं कंप्यूटराइजेशन के युग में पुलिस विभाग को भी अपडेट होना अति आवश्यक है। इसलिए डिजिटल पुलिसिंग मे भी सभी को अपडेट रहने की नसीहत दी गई।

साथ ही पुलिस से लोगों की शिकायतों को दूर करने और पुलिस पर भरेासा कायम करने, पुलिस की छवि सुधारने के लिए भी पुलिस पदाधिकारियों को हरसंभव प्रयास करने के लिए कहा गया है। उन्होंने सभी थानाें के प्रभारियों को अपने-अपने थानों में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन करने, नए और पुराने वारंटियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने, कुर्की मामले में त्वरित कार्रवाई करने की भी हिदायत दी।

अपराधियों का तैयार होगा डोजियर 

एसपी संतोष सिंह ने अपराध नियंत्रण की दिशा मे पुलिस की तैयारियों के संबंध मे बताया कि अब थानों पर अपराधियों का डोजियर तैयार किया जाएगा। इसमें उनका नाम, पता, फोटो आदि तो होगा ही रिश्तेदारों और करीबियों के बारे में भी जानकारी जुटाकर रखी जाएगी।अभियुक्त का आपराधिक इतिहास और उस पर दर्ज मुकदमाें के निस्तारण के बारे में भी तथ्य इकट्ठा किए जाएंगे।

पुलिस की यह कोशिश इसलिए है कि ताकि जिले में या जिले से बाहर अपराध करने पर अपराधी के बारे में जानकारी जुटाने में काफी समय लग जाता है। इससे अपराध की जांच पड़ताल पर असर पड़ता है। अपराधी का डोजियर तैयार होने से उसके बारे में जरूरी जानकारी तुरंत मिल जाएगी और पुलिस को उसे पकड़ना या उसके संबंधियों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

दस साल पुराने अपराधियों की सूची बनेगी 

एसपी सिंह  के मुताबिक दस साल में संगीन अपराध करने वालों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद इन सभी के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में ऐसे आरोपियों की संख्या कहीं ज्यादा है जिनके विरुद्ध कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। पुलिस को अब इनकी गिरफ्तारी को कमर कसनी होगी। एआरटीओ ने जो वाहन पकड़े जाने के बाद थानों पर खड़े कराए हैं, उनकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी ताकि जल्द से जल्द वाहनों की नीलामी हो सके। थाने के सभी रिकॉर्ड अपडेट किए जाएंगे। थाने में मौजूद अन्य सामानों का भी निस्तारण किया जाएगा।

अब जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे सिपाही 

बेहतर पुलिसिंग का खाका खींचते हुये एसपी संतोष सिंह ने जिम्मेदारों  की लापरवाही पर भी सख्ति की तैयारी की है। पुलिस  अधीक्षक के अनुसार अब सिपाहियों को भी उनके हल्के में अपराध होने पर जिम्मेदार माना जाएगा। खासकर उनके इलाके में चोरी और लूट जैसी वारदात होने पर कार्रवाई की जाएगी। अभी तक सिपाहियों के इलाके में कोई भी अपराध होने पर उन्हें इसके लिए दोषी नहीं माना जाता है।  सिपाही पुलिस की सबसे निचली और अहम कड़ी है। जवाबदेही न होने से सिपाहियों का ध्यान क्राइम कंट्रोल पर नहीं रहता। इन कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।

खुलेंगी हिस्ट्रीशीटरों की फाईलें 

 

पुलिस अब सालों पुराने हिस्ट्रीशीटरों का बोझ नहीं उठाएगी। एसपी संतोष कुमार सिंह के मुताबिक पुराने हिस्ट्रीशीटरों में से कई की मृत्यु हो चुकी है। कई की उम्र काफी है और कुछ काम-धंधे में लगे हैं। ऐसे में उनकी हिस्ट्रीशीट खत्म की जाएगी। इससे पुलिस को बार-बार हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन नहीं करना पड़ेगा और पुराने हिस्ट्रीशीटरों को भी थाने के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे।

हालांकि पुराने हिस्ट्रीशीटरों को राहत देने के साथ ही एसपी ने नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए हैं।वहीं इनमे शामिल छुटभैये नेताओं से लेकर गुण्डा एक्ट के अपराधियों की धरपकड व कार्रवाई मे तेजी लाने के निर्देश दिये गये हैं।

एसपी के अनुसार धारा 154, 307, 332, 353, 384, 420, तथा  कर्जा अधिनियम की धारा 4 के प्रकियाधीन मामलों मे अब ताबड़तोड कार्यवाही की जायेगी। उक्त मामलों मे वांछित शहरी क्षेत्र के करीब आधा दर्जन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी होने की सूचना पुलिस अधीक्षक के माध्यम से दी गयी है।एसपी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि समाज मे दहशत के पर्याय माने जाने वाले निगरानीशुदा बदमाश और सफेदपोशी की आड़ मे पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हो रहे अपराधी अब सलाखों के पीछे नियंत्रित किये जायेगें।

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