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होलिका दहन 9 तारीख को (ज्योतिषाचार्य डॉ.दत्तात्रेय होस्केरे)

राशी के अनुसार करें यह प्रयोग

राशी के अनुसार करें यह प्रयोग

मेष: हनुमान चालिसा का पाठ कर होलिका के समक्ष धूप जला दें|

वृषभ: दूध और जल लेकर होलिका के चारों ओर चक्कर लगाएं और उसे ईशान कोण में डाल दें|

मिथुन:मेहन्दी को पानी में घोल कर होली की परिक्रमा करें और होलिका में डाल दें|

कर्क: शक्कर मिश्रित जल होलिका की परिक्रमा कर होली में डाल दें|

सिंह: ताँबे के तीन सिक्के होली में डाल दें| सुबह यदि एक सिक्का मिल जाये तो अपने पास सदैव रखें|

कन्या: बेल का रस लेकर होलिका की परिक्रमा करें| रस को अपने घर के दक्षिणी किनारे पर डाल दें|

तुला:सिंघाडे के आटे को पानी में घोल लें इसे लेकर होलिका के परिक्रमा करें| ईशान होण में डाल दें|

वृश्चिक: होलिका दहन के पश्चात स्नान कर हनुमान चालिसा के सात पाठ करें|

धनु:हल्दी युक्त दूध कोलिका में डाल दें|

मकर: लोहे की एक टुकडा होलिका में डाल दें| यदि प्रात:काल मिल जाये तो उसका छल्ला बनवा कर मध्यिका में धारण कर लें|

कुम्भ:होलिका दहन के पश्चात स्नान कर पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें|

मीन: जल में हल्दी मिला कर होलिका की परिक्रमा करें| स्नान कर विष्णु भगवान के मंत्रों का जाप करें|अत: सूर्य प्रधान नक्षत्र में होलिका दहन करना अत्यंत लाभदायक होगा|

सब कुछ प्राप्त हो सकता है होली की रात

1. धन में वृद्धि हेतु
ऊँ नमो धनदाय कुबेराय स्वाहा।
8 गोमती चक्र हाथ मे रखकर होली की रात इस मंत्र का जाप करने से धन में वृद्धि होती है।

2. रोग नाश हेतु
“ऊँ नमो भगवते रुद्राय मृतार्क मध्ये संस्थिताय मम शरीरं अमृतं कुरु कुरु स्वाहा” इस मंत्र का होली की रात जाप करने से कैसा भी रोग हो नाश हो जाता है।

3. शीघ्र विवाह हेतु
होली के दिन सुबह एक साबूत पान पर साबूत सुपारी एवं हल्दी की गांठ शिवलिंग पर चढ़ाएं मुड कर देखे बगैर अपने घर आ जाएं यही प्रयोग अगले दिन भी करें। अतिशीघ्र विवाह हो जाता है।

4. बुद्धि होगी तेज,  बाल होंगे काले गोरखमुण्डी का पौधा लाकर उसको धोकर होली की रात उसका पूजन करें। शिव मंत्रों का जप भी करें। फिर उसको होली की अग्नि में सुखा दें तथा पांच दिन सूखने दे पंचमी के दिन उसको पीसकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण कई प्रयोग में आता है।सुबह शाम इस चूर्ण को शहद से चाटने पर स्मरण एवं भाषण शक्ति बढ़ती है।दूध के साथ इस चूर्ण का सेवन करने से शरीर स्वस्थ और बलिष्ठ होता है। इस चूर्ण के पानी से बाल धोने पर बाल लंबे और काले घने होते हैं। इस चूर्ण के तेल से शरीर की ऐंठन, जकड़न दूर होती है।

5. कर्ज से मुक्ति के लिये:  आठ काजल की डिब्बिय़ॉ को हल्दी और कुम्कुम लगाकर होली की रात को जलती होली की सात परिक्रमा कर होली मे डाल दे और घर आकर स्नान करलें। कर्ज से छुटकारा मिलेगा।

ज्योतिषाचार्य डॉ.दत्तात्रेय होस्केरे

भारतीय संस्कृति विभिन्न वैचारिक मान्यताओं का संगम है| इस संस्कृति में सूर्य की रश्मियों सी आभा है, जो बारीकी से देखने पर विभिन्न रंगों की तो दिखती है, लेकिन समग्र रूप से देखने पर एक ऐसा प्रकाश दिखता है जो विश्व की सभी संस्कृतियों को प्रकाशित कर रहा है|

 

रंगों का पर्व होली इसी विशेषता को प्रकट करने का अवसर है, जो फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है| कई सदियों से मनाया जा रहा यह पर्व आज भी इस भूमि की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रातीक चिन्ह बना हुआ है|

इस वर्ष सोमवार 9 तारीख को फाल्गुन मास की पूर्णिमा है| हाँलाकि दोपहर 1.10 बजे तक भद्रा है| लेकिन उसके पश्चात होलिका दहन की प्रक्रिया की जा सकेगी|

होलिका दहन मुहूर्त

सिंह लग्न में सायंकाल 4.17 से 6.27 बजे तक|
वृश्चिक लग्न में रात्री 10.49 से 1.04 बजे तक |

होलिका दहन के पश्चात स्नान कर के कुल देवता का स्मरण करने से आयु, ऐश्वर्य और समृद्धि प्राप्त होती है|

रंगों का विज्ञान मनुष्य की मनोवैज्ञानिक स्थिति को प्रदर्शित तो करता ही है साथ ही विभिन्न मनुष्यों के लिये उनके अनुकूल रंगों के चयन को भी बताता है| जिससे के रंगों के प्रभाव से मनुष्य को सुख और शांति प्राप्त हो सके| राशियों के अनुसार इस होली पर स्वजनों को गुलाल लगा कर सामंजस्य स्थापित हो सकता है|

1. मेष: नारंगी और हरे रग के गुलाल से सामंजस्य बनेगा।
2. वृषभ:चमकीला पीले और गुलाबी रंग से आर्थिक समस्याओं का होगा समधान।
3. मिथुन: हरे और नारंगी रंग के गुलाल से निर्णय लेने में मिलेगी मदद।
4. कर्क: लाल और हरे रंग के गुलाल से भावनात्मक समस्या का होगा समाधान।
5. सिंह: लाल और चमकीले नीले रंग से न्याय मिलने में आसानी होगी।
6. कन्या: हरे और बैंगनी रंग का गुलाल परेवारिक उलझने करेगा दूर।
7. तुला: नीले और हरे रंग से संतान समस्या का होगा समाधान।
8.वृश्चिक: हल्के नारंगी और पीले रंग से क्रोध में आयेगी कमी।
9.धनु: पीले और हरे रंग से उच्चाधिकारियों और बडों से मिलेगी मदद।
10.मकर: बैंगनी और पीले रंग से विवाह सम्बन्धी समस्या का होगा समधान।
11.कुम्भ: नीले और नारंगी रंग के गुलाल से मिलेगी पारीवारिक शांति।
12.मीन: पीले और हरे रंग से रुके हुए धन की होगी प्राप्ति।

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