छत्तीसगढ़

गृहमंत्री पैकरा इस्तीफा दें नहीं तो, मुख्यमंत्री बर्खास्त करें: कांग्रेस

रायपुर : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि गृहमंत्री रामसेवक पैकरा का स्वेच्छानुदान घोटाले का मामला ईओडल्यू और लोक आयोग में दर्ज होने के बाद उन्हें एक महत्वपूर्ण और संवैधानिक पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। जारी बयान में श्री बघेल ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा है कि अगर श्री पैकरा इस्तीफा नहीं देते तो उन्हें पद से हटाया जाए।

उन्होंने कहा कि श्री पैकरा पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी है, याचिकाकर्ता ने अदालत में करीब 24 ऐसी संपत्तियों का ब्यौरा दिया है जिनकी कीमत करोड़ों रुपए है। उन्होंने एक ही दिन में स्वेछानुदान के 161 चेक काटे थे जो किसी गरीब या जरुरतमंद को नहीं दिए गए बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके अपने करीबी लोगों को ही दिए गए। तब इस मामले को उजागर करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता को गृहमंत्री ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस हिरासत में बिठा दिया था। लेकिन जनता के विरोध के कारण रिहा करना पड़ा। इस सब से जाहिर है कि गृहमंत्री पैकरा ने पद पर रहते हुए न केवल आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है बल्कि स्वेछानुदान घोटाला भी किया। ऐसे व्यक्ति का एक संवैधानिक पद पर बने रहना भाजपा सरकार की कमीशनखोर मानसिकता को दर्शाता है।

श्री बघेल ने कहा कि एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की बात करते हैं तो दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी के लोगों से साल भर कमीशन न खाने की भी अपील करते हैं। लेकिन उनकी पार्टी के नेता-मंत्री इसमें इतने व्यस्त हैं कि मुख्यमंत्री की अपील का भी उन पर कोई असर नहीं होता। पिछले 15 सालों में नान घोटाला, अगस्ता घोटाला, चावल और नमक घोटाला, रेत की रायल्टी घोटाला, ऐसे घोटालों की फेहरिस्त हैं जिनमें भाजपा नेताओं और मंत्रियों यहां तक कि स्वयं किसी ‘अभिषेक’ का नाम सामने आया लेकिन मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस वाली नीति कहीं नजर नहीं आई। दरअसल यह उनका भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नहीं बल्कि, भ्रष्टाचार पर आंख और कान बंद कर लेने वाली नीति है, जिसके कारण वे भाजपा नेता और मंत्रियों के भ्रष्टाचार के मामले सामने आते ही धृतराष्ट्र बन जाते हैं।

पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि श्री पैकरा में थोड़ी बहुत भी नैतिकता शेष हो तो उन्हें फौरन इस्तीफा दे देना चाहिए अथवा मुख्यमंत्री को उन्हें पद से हटा देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के सामने जाएगी।

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