राष्ट्रीय

नेहरू-गांधी खानदान के पैतृक आवास पर चार करोड़ 19 लाख के गृहकर बकाया

आनन्द भवन को प्रयागराज नगर निगम ने भेजा बकाये का नोटिस

नई दिल्ली/प्रयागराज:पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी द्वारा 70 के दशक में राष्ट्र को समर्पित नेहरू-गांधी खानदान के पैतृक आवास स्वराज भवन और आनन्द भवन को प्रयागराज नगर निगम ने चार करोड़ 19 लाख के गृहकर बकाये का नोटिस भेजा है.

म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का संचालन

दरअसल जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल फंड की ओर से आनन्द भवन में म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का संचालन होता है. जिसको देखने प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं और उनसे टिकट के पैसे भी ट्रस्ट वसूल करता है.

वहीं, कांग्रेस पार्टी ने आनन्द भवन को गृहकर का नोटिस भेजे जाने को लेकर सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है. कांग्रेस पार्टी ने साबरमती ट्रस्ट और संसद पर भी टैक्स लगाने की मांग कर दी.

आनन्द भवन और स्वराज भवन की जिम्मेदारी जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल फंड को सौंपी गई. स्वराज भवन में जहां बाल भवन बनाया गया, वहीं आनन्द भवन में म्यूजियम और प्लेनेटोरियम संचालित हो रहा है.

इसमें प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं. इसके रखरखाव के लिए ही यहां आने वाले लोगों से प्रवेश शुल्क लिया जाता है. जिस आधार पर ही नगर निगम ने इसे कमर्शियल गतिविधि मानते हुए गृहकर का नोटिस भेज दिया है.

नगर निगम के मुताबिक पहले आनन्द भवन का गृहकर जमा किया जाता था, लेकिन कई वर्षों से गृहकर अब जमा नहीं हो रहा है. इसके चलते आनन्द भवन पर दो करोड़ 71 लाख 13 हजार 534 रुपये का बकाया है. ब्याज समेत यह धनराशि चार करोड़ 19 लाख 57 हजार 495 रुपये हो गई है.

वहीं, गृहकर का नोटिस भेजे जाने के बाद जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल फंड के प्रशासनिक सचिव डॉ एन. बाला कृष्णन ने 8 नवम्बर को मेयर को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने कहा है कि चैरिटेबल ट्रस्ट की गतिविधि कमर्शियल नहीं हो सकती है.

उन्होंने गृहकर का मूल्यांकन गलत होने की बात कही है. वहीं नगर निगम की नोटिस के बाद कांग्रेस पार्टी ने योगी सरकार पर हमला बोला है. इसे सियासी साजिश बताते हुए साबरमती ट्रस्ट और संसद पर भी टैक्स लगाने की मांग की है.

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