जेल जाते ही हनीप्रीत बोली- मुझे पापा वाली जेल में भिजवा दो

रिमांड खत्म होने के बाद हनीप्रीत को जेल भेज दिया गया है लेकिन अंबाला जेल पहुंचते ही हनीप्रीत ने कहा कि दरअसल, मच्छरों के कारण हनीप्रीत अंबाला सेंट्रल जेल में पूरी रात सो नहीं पाई। बैरक में वह ज्यादातर समय चुप रही। कभी-कभी अपने आप से बातें करती रही।

हनीप्रीत ने कई बार कहा कि मुझे उसी जेल में भिजवा दो जहां पापा बंद हैं। रात में हनीप्रीत ने बीमार होने की शिकायत की तो उसका मेडिकल चेकअप कराया गया। शनिवार सुबह हनीप्रीत को नाश्ते में चाय और ब्रेड दी गई, जिसे उसने बेमन से खाया।

दोपहर का खाना भी अनमने से किया। जेल प्रशासन हनीप्रीत को पीने के लिए आरओ का पानी उपलब्ध करा रहा है। सूत्रों के अनुसार, हनीप्रीत ने जेल अधिकारियों से कहा कि उसे पापा वाली जेल में भिजवा दो। वह बहुत बीमार रहते हैं। वह बेकसूर हैं। उन्हें फंसाया गया है।

वहीं, जेल में हनीप्रीत पर नजर रखने के लिए एक महिला नंबरदार को तैनात किया गया है। हनीप्रीत की चक्की में ही टायलेट की व्यवस्था है। उसे इस्तेमाल करने के लिए दो कंबल दिए गए हैं। दैनिक उपयोग की चीजें दी गई हैं, जिसमें थाली, कटोरी, चम्मच और गिलास शामिल हैं.

शुक्रवार रात हनीप्रीत थकी हुई लग रही थी। इसी कारण उसने जेल में मेडिकल चेकअप के लिए पहुंची डॉक्टरों की टीम को खून के सैंपल देने से मना कर दिया। शनिवार सुबह डॉक्टरों की टीम सेंट्रल जेल गई और हनीप्रीत के खून के नमूने लिए।

हनीप्रीत ने डॉक्टरों से शरीर में दर्द और माइग्रेन की शिकायत की है। शाम तक ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट आ गई, जो सामान्य थी। वहीं, जेल की सुरक्षा व्यवस्था जायजा लेने के लिए आईजी जेल जगजीत सिंह अंबाला पहुंचे। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से बात की और स्टाफ को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बता दें कि जेल में इस समय हनीप्रीत सहित डेरे के करीब 470 समर्थक बंद हैं।

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