राष्ट्रीय

जेल के अंदर परिवार से मिलना चाहती है हनीप्रीत, बोली- प्लीज मिलवा दो

पंचकूला : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की गोद ली बेटी हनीप्रीत को अब अपने परिवार की याद आ रही है। वह परिवार के सदस्यों से बात करना चाहती है। हनीप्रीत ने इस संबंध में पंचकूला की अदालत में याचिका दायर की है। वह 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में देशद्रोह के आरोप में अंबाला जेल में बंद है। हनीप्रीत की ओर से वकील ने पंचकूला की एक कोर्ट में याचिका लगाकर अपील की है कि जिस तरह से अन्य आरोपित अपने परिवार के लोगों से रोजाना आधा घंटा बात करते हैं, उसी तरह उसे भी इजाजत मिले।

हनीप्रीत ने याचिका में कहा है, जेल नियमों में भी लिखा हुआ है कि आप परिवार से बात कर सकते हैं, तो हमें भी मौका दिया जाए, हमसे भेदभाव क्यों किया जा रहा है। हरियाणा सरकार की ओर से इस याचिका का विरोध किया गया है और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए याचिका को खारिज करने के लिए की मांग की गई है। अदालत ने इस पर फैसला सुरक्षित रखा है। इससे पूर्व हनीप्रीत ने जेल स्तर पर भी अपने परिवार से बात करने के लिए खत लिखा था, लेकिन इजाजत नहीं मिली थी।

बता दें कि इससे पहले हनीप्रीत ने जमानत याचिका लगाकर कहा था, मैं एक महिला हूं और 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में जब हिंसा हो रही थी, तब डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साथ थी। डेरा प्रमुख को सजा होने के बाद मैं राम रहीम के साथ पंचकूला से सीधा सुनारिया जेल रोहतक चली गई। हिंसा में मेरा कहीं कोई रोल नहीं है। मेरा नाम भी बाद में एफआईआर में डाला गया। मुझे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि मैं खुद 3 अक्टूबर 2017 को आत्मसमर्पण करने के लिए आ गई थी। जब इस एफआईआर नंबर 345 के अन्य 15 आरोपितों को जमानत मिल चुकी है, तो मुझे भी जमानत मिलनी चाहिए,लेकिन अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी।

आरोप तय की सुनवाई 7 अगस्त के लिए टली : इसके साथ हनीप्रीत सहित अन्य आरोपितों पर आरोप तय करने के लिए सुनवाई 7 अगस्त के लिए टल गई। बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि कुछ आरोपितों के खिलाफ पुलिस द्वारा निचली अदालत में चार्जशीट दायर की गई है। उनके ऊपरी अदालत में आने के बाद ही आरोपों पर बहस शुरू की जाए, जिसके बाद 7 अगस्त को बहस के लिए तारीख निर्धारित कर दी गई। इस मामले में बलराज, गोपाल, राम सिंह,खैराती लाल, गुरमीत सिंह, दलजीत, वेदप्रकाश, भीमसेन, रणधीर सिंह, गुरमीत सिंह को जमानत मिल चुकी है।

मोक्ष के लिए खुद नपुंसक बने थे 400 साधु : डेरा सच्चा सौदा सिरसा में 400 साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में पंचकूला स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत में बचाव पक्ष ने धारा 326, 417 और 120बी हटाने की मांग की। बचाव पक्ष के वकील ध्रुव गुप्ता ने कहा कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने किसी को भी नपुंसक बनने के लिए नहीं प्रेरित किया। अब 24 जुलाई को सीबीआई की तरफ से आरोपों पर बहस की जाएगी। इन साधुओं को मोक्ष प्राप्त करना था, इसलिए वे खुद नपुंसक बने। वकीलों ने कहा कि यदि गुरमीत ने 2000 में मोक्ष की बात कही थी तो साधुओं ने सन 2012 में शिकायत क्यों की। उन्हें एक साल बाद जब मोक्ष नहीं मिला, तो उसी समय क्यों नहीं शिकायत की गई, इसलिए लगाए गए आरोप गलत हैं।

Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.