हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट मंगलवार को ही फैसला सुना सकता

नई दिल्ली: जेल में बंद रेप के दोषी गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी और उसकी सबसे बड़ी राजदार मानी जाने वाली हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट मंगलवार को ही फैसला सुना सकता है। याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और कोर्ट शाम साढ़े 6 बजे के बाद अपना फैसला सुना सकता है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हनीप्रीत के वकील से पूछा कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की जगह दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका क्यों डाली गई। कोर्ट ने यह भी कहा कि हनीप्रीत कोर्ट में सरेंडर क्यों नहीं कर देती।
जिस हनीप्रीत की तलाश में पुलिस देशभर में खान छानती रही, जिसके नेपाल में छिपे होने की बात सामने आई, इंटरनैशनल अलर्ट तक जारी कर दिया, उसके अब राजधानी दिल्ली में ही होने की बात सामने आ रही है। सोमवार को हनीप्रीत ने अपने वकील के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्य का कहना है कि हनीप्रीत सोमवार को अग्रिम जमानत अर्जी पर साइन करने के लिए उनके ऑफिस पहुंची थी।
हनीप्रीत के वकील प्रदीप कुमार आर्य ने दिल्ली हाई कोर्ट के सामने 3 सप्ताह के लिए हनीप्रीत को ट्रांजिट बेल देने की मांग की है। दिल्ली हाई कोर्ट ने हनीप्रीत की बेल याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा कि यह याचिका दिल्ली हाई कोर्ट के अधिकारक्षेत्र में कैसे आई? हनीप्रीत के वकील ने जवाब देते हुए कहा कि उसके पास दिल्ली में घर है और उसे गिरफ्तारी का डर था। कोर्ट ने कहा कि हनीप्रीत को सरेंडर करना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट आज ही शाम साढ़े 6 बजे के बाद हनीप्रीति की याचिका का निपटारा कर सकता है।
इससे पहले, चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने हल्के अंदाज में वकील से पूछा कि हनीप्रीत कहां है? जवाब में वकील ने कोर्ट से कहा कि हनीप्रीत की जान को खतरा है। हरियाणा के DGP भी इस बारे में आशंका जता चुके हैं, इसलिए वह दिल्ली में याचिका दायर कर रही है। हनीप्रीत द्वारा दायर जमानत याचिका में कहा गया है कि उसकी जान को पंजाब और हरियाणा के ड्रग्स व्यापारियों से खतरा है। अर्जी में हनीप्रीत ने खुद को साफ सुथरा जीवन जीने वाली एक सिंगल महिला बताया है जो कानून का पालन करती है और पुलिस जांच में सहयोग को तैयार है।

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