छत्तीसगढ़

कार्यालयों में आने वाले संसदीय सचिव,विधायकों तथा जन प्रतिनिधियों का अधिकारी सम्मान करें : कलेक्टर भीम सिंह 

समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में कलेक्टर ने की विभागवार समीक्षा  

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़, 21 जुलाई2020/ कलेक्टर भीम सिंह ने आज कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में टीएल (समय-सीमा)की बैठक में जिला स्तरीय कार्यालय प्रमुख अधिकारियों के विभागीय कार्यों के साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालयों में आने वाले संसदीय सचिव, विधायक, महापौर सहित जनप्रतिनिधियों का अधिकारी सम्मान करते हुये उनके द्वारा प्रस्तावित कार्यों को महत्व देवे।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि  भारत सरकार और राज्य शासन द्वारा किसानों तथा अन्य ग्रामीणजनों के समृद्धि और आत्मनिर्भरता के लिये बहुत सी योजनायें प्रारंभ की गई हे। अधिकारी इन योजनाओं का अध्ययन कर अधिक से अधिक नागरिकों को इसका लाभ दिलायें। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ जिले के शत-प्रतिशत किसानों को मिले अधिकारी यह सुनिश्चित करें और जिन किसानों के आधार नंबर तथा बैंक खाता क्रमांक तथा उनके नामों के अक्षरों में अंतर (स्पेलिंग मिस्टेक)के कारण त्रुटिपूर्ण रह गये है उनकी त्रुटि दूर कर उनके नाम भी शीघ्रता से दर्ज करावे, ताकि पात्रता रखने वाले किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके।

कार्यालयों में आने वाले संसदीय सचिव,विधायकों तथा जन प्रतिनिधियों का अधिकारी सम्मान करें : कलेक्टर भीम सिंह 

कॉमन सर्विस सेंटरों

जिन सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटरों)द्वारा किसानों को गलत तरीके से लाभ दिलाने का झांसा देकर प्रविष्टि की गई है उनके विरूद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करावे। उन्होंने बैठक में उपस्थित जिले के सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि प्रत्येक गांवों के पटवारी किसानों के जमीनों का विवरण ऑनलाइन ‘भुईयाÓ में अपग्रेड करें क्योंकि आगे जाकर सभी कार्य आनलाइन मिलान कर संपन्न किये जायेंगे इसलिए किसानों के नामांतरण, बटांकन तथा उत्तराधिकार के मामलों का रिकार्ड से मिलान कर प्रविष्टि करावे।
कलेक्टर भीम सिंह ने कृषि, पशुपालन, मछली पालन और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संयुक्त रूप से मिलकर लीड बंैक के प्रतिनिधियों के माध्यम से किसानों को अधिकाधिक संख्या में ऋण स्वीकृत कराने, फसल बीमा कराने तथा केसीसी तैयार कराने के निर्देश दिये।

बैठक में कृषि विभाग के उप संचालक

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिले के कितने किसानों के केसीसी बने है तथा कितने किसानों ने ऋण लिया और कितने किसानों ने फसल बीमा कराया। इसकी क्षेत्रवार पूरी जानकारी एक सप्ताह में उपलब्ध करावे। बैठक में कृषि विभाग के उप संचालक ने जानकारी दी कि जिले के 23 हजार किसानों ने धान के स्थान पर दलहन तथा तिलहन फसल लगाने की सहमति दी है।

कलेक्टर सिंह ने गिरदावरी के संबंध में निर्देशित करते हुए कहा कि गांवों के पटवारी आरईओ गांव में मौके पर जाकर फसलों की वास्तविक जानकारी एकत्र कर त्रुटि रहित ढग़ से तैयार करें और गिरदावरी करते समय फसल और किसान का फोटो खींचकर रिकार्ड रखे क्योंकि किसानों के लगाई हुई फसलों के रकबे में बाद में किसी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा और पात्र किसान आसानी से धान विक्रय कर सकेगा।

कलेक्टर सिंह ने रोजगार गारंटी योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण किये जाने के निर्देश देते हुये कहा कि कई आवेदन ऐसे प्राप्त होते है जैसे नकल (बी-1)से संबंधित आवेदन का प्राप्त होने के दिन ही निराकरण किया जा सकता है इसके आवेदन करने वाले व्यक्ति को दो बार कार्यालय नहीं आना पड़ेगा और आवेदनकर्ता को पैसे और समय दोनों की बचत होगी।

कोरोना महामारी और बचाव के संबंध में

उन्होंने कोरोना महामारी और बचाव के संबंध में कहा कि बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या कम हो गई है और बहुत से लोग क्वारेंटीन अवधि पूर्ण कर अपने घरों को जा चुके है। अत: प्रत्येक विकासखण्ड में एक-एक सुविधायुक्त क्वारेंटीन सेंटर चिन्हांकित कर स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों को रिक्त कर दिया जाये और यह ध्यान रहे कि इन सेंटरों को पूरी तरह सेनेटाइज कर तथा पूरे परिसर की साफ-सफाई तथा भवन का रंग-रोगन कर कार्य में लिया जाये।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय नगर निगम/निकायों के अधिकारी-कर्मचारियों को होम क्वारेंटीन में रहने वाले व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा आम लोगों को मॉस्क पहनने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि विभाग तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौठानों में आने वाले पशुओं तथा गोबर क्रय किये जाने की मात्रा का प्रतिदिन का विवरण संधारित करने के निर्देश दिये।

उन्होंने वर्षा काल में अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने तथा उन्हें बचाने के उपाय करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नदियों और नहरों के किनारे वृक्षारोपण की कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है इसे वन विभाग के माध्यम से सहयोग लेकर कराया जायेगा।

बैठक में रोजगार अधिकारी ने

कलेक्टर सिंह ने प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने के संबंध में श्रम, रोजगार और उद्योग विभाग के अधिकारी उद्योग प्रबंधन से मिलकर श्रमिकों के कार्य अनुभव के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और जल संसाधन विभाग को निर्माण कार्यों में प्रवासी मजदूरों को कार्य उपलब्ध कराने को निर्देशित किया उन्होंने प्रवासी श्रमिकों में से ऐसे व्यक्ति जो स्वयं का कारोबार या व्यवसाय प्रारंभ करना चाहते है उन्हें बैंकों के माध्यम से ऋण दिलाने के निर्देश भी दिये। बैठक में रोजगार अधिकारी ने अब तक 289 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की जानकारी दी।

बैठक में कोषालय अधिकारी द्वारा 33 पेंशन प्रकरण अलग-अलग विभागों में लंबित होने की जानकारी दी गई। कलेक्टर सिंह ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिये।

बैठक के दौरान कलेक्टर सिंह ने वन क्षेत्रों में 20 वर्षो से अधिक समय से काबिज व्यक्तियों को वन अधिकार पट्टा तथा सार्वजनिक उपयोग वाले तालाब, धार्मिक स्थान, खेलकूद मैदान तथा शमशान भूमि का सामुदायिक वन अधिकार पट्टा तैयार किये जाने हेतु निर्देश दिया। उन्होंने हाट-बाजार आयोजन हेतु चिन्हांकित हाट-बाजारों में स्वास्थ्य विभाग की हेल्प टीम की उपलब्धता पर विशेष रूप से ध्यान देते हुये हाट-बाजार में आने वाले ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक जांच कराने हेतु स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम उपलब्ध रहने के निर्देश दिये।

टीएल (समय-सीमा)की बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत ऋचा प्रकाश चौधरी, वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़ मणिवासन एस तथा रायगढ़ मनोज पाण्डेय, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सीएमएचओ डॉ.एस.एन.केशरी, सभी जिला स्तर के कार्यालय प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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