सीटों की लड़ाई नहीं है आशा है केंद्रीय नेतृत्व जल्द समाधान करेगा – अनुप्रिया पटेल

वहां, कार्यक्रम के दौरान अनुप्रिया ने कहा कि सीटों की लड़ाई नहीं है, हमने अपनी बात रख दी है आशा है केंद्रीय नेतृत्व जल्द समाधान करेगा.

एनडीए में सहयोगी दलों की नाराजगी का हाल यह है कि एक तरफ जहां भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी गाजीपुर और वाराणसी में थे तो वहीं उनकी सहयोगी पार्टी अपना दल(एस) कि नेता अनुप्रिया पटेल पीएम के कार्यक्रम के बहिष्कार के बाद आज गाजीपुर और वाराणसी का कार्यक्रम छोड़ करअपने संसदीय क्षेत्र मिर्जापुर में थीं.

वहां, कार्यक्रम के दौरान अनुप्रिया ने कहा कि सीटों की लड़ाई नहीं है, हमने अपनी बात रख दी है आशा है केंद्रीय नेतृत्व जल्द समाधान करेगा.

शहर के एक निजी स्कूल में रोटरी के कार्यक्रम में पहुंचीं अनुप्रिया ने मंच से संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की और कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को पहचान दिलाई है.

कार्यक्रम की समाप्ति के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पार्टी के अध्यक्ष के समक्ष जो भी मसला है उसको विस्तारपूर्वक रख चुके हैं. इससे ज्यादा मुझे कुछ कहने की आवश्यकता नहीं.

उन्होंने कहा कि हम केंद्रीय नेतृत्व से इतनी उम्मीद करते हैं कि समस्या जो है उसको जल्द से जल्द सुलझाया जाए.

सीटों का कोई मसला नहीं है, हमारी जो समस्या है, उत्तर प्रदेश भाजपा से है. इस बात को हमने स्पष्ट रूप से रख दिया है, अच्छे की ही उम्मीद करनी चाहिए.

वाराणसी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं

अपना दल (सोनेलाल) के प्रमुख आशीष पटेल ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ NDA में शामिल इस पार्टी की वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री की लोकसभा सीट वाराणसी से चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं है.

पटेल ने कहा कि नरेंद्र मोदी हमारे नेता हैं और वही इस सीट से चुनाव लड़ेंगे.

‘हमारे नेता नरेंद्र मोदी’

अगले आम चुनावों में वाराणसी सहित 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की उनकी पार्टी की योजना को लेकर मीडिया में आई खबरों का खंडन करते हुए पटेल ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.

पटेल ने कहा, ‘मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि अपना दल वर्ष 2019 के आम चुनावों में वाराणसी सहित लोकसभा की 10 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है.

ऐसी कोई योजना नहीं है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे नेता हैं और हम वाराणसी सीट पर उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे.’

‘केंद्र से कोई नाराजगी नहीं’

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने इस बारे में फैसला नहीं किया है कि वह कौन सी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हालांकि, पटेल ने कहा कि राज्य सरकार और भाजपा नेतृत्व उनकी पार्टी को नजरअंदाज कर रहा है

और उनके नेताओं को योग आदित्यनाथ सरकार द्वारा आयोजित समारोहों में आमंत्रित नहीं किया जाता. पटेल ने कहा कि जहां तक भाजपा से नाराजगी का सवाल है तो वह उसके प्रदेश नेतृत्व से है. केन्द्रीय कमान से कोई नाराजगी नहीं है.

‘हमें नहीं मिलता निमंत्रण’

उन्होंने कहा कि उनकी नेता अनुप्रिया पटेल केन्द्र की राजग सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री हैं लेकिन उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय के ही कार्यक्रमों का निमंत्रण तक नहीं भेजा जाता है. आज प्रधानमंत्री के वाराणसी के कार्यक्रम में मुझे भी नहीं बुलाया गया.

‘क्या दलित और पिछड़े केवल वोट देने के लिए ही हैं?’

पटेल ने कहा कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विभिन्न आयोगों में 300 पदों पर भर्ती की, मगर अपना दल के एक भी व्यक्ति को नहीं चुना गया.

इसके अलावा 800 वकीलों की नियुक्ति की. उनमें भी अपना दल के दो व्यक्तियों को ही महत्वहीन पदों पर रखा गया.

क्या दलित और पिछड़े केवल वोट देने के लिए ही हैं? हमारी नाराजगी मूल रूप से दलितों, पिछड़ों की उपेक्षा को लेकर है.

‘समस्याओं के दूर होने की उम्मीद’

पटेल ने कहा कि उन्होंने भाजपा केन्द्रीय नेतृत्व के संज्ञान में यह पूरा मामला रखा है और उन्हें पूरा विश्वास है कि जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी या भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इसमें हस्तक्षेप करेंगे, सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी.

हाल में पटेल ने मिर्जापुर में एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि राजग के सबसे बड़े सहयोगी भाजपा द्वारा छोटी पार्टियों को नजरअंदाज किया जा रहा है.

15 लोकसभा सीटों पर अपना दल का प्रभाव

अपना दल (एस) का उत्तर प्रदेश की 80 में से 15 लोकसभा सीटों पर प्रभाव है, जहां उसके मुख्य वोटबैंक कुर्मी-पटेल की अच्छीखासी संख्या है.

इन जातियों के करीब एक लाख लोग प्रधानमंत्री की सीट के मतदाता हैं. वर्ष 2014 लोकसभा चुनावों में, पार्टी ने भाजपा के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के तहत दो सीटों पर चुनाव लड़ा और जीता था.

उसके राज्य विधानसभा में नौ विधायक हैं. पार्टी नेता अनुप्रिया पटेल केन्द्र की एनडीए सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री हैं.

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