आतंकवादियों के मारे जाने के बाद काबुल में घंटों चली लड़ाई समाप्त

काबुल : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में कई घंटे तक चलने वाले आतंकवादियों के रॉकेट हमले और सेना के हवाई हमले मंगलवार को समाप्त हो गए। हमलों में दो आतंकवादी मारे गए। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब राष्ट्रपति अशरफ गनी इस्लामिक ईद अल-अजहा की छुट्टी के पहले दिन भाषण दे रहे थे। कुछ दिनों पहले उन्होंने तालिबान को तीन महीने की सशर्त संघर्षविराम की पेशकश दी थी।

तालिबान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर गनी के प्रस्ताव पर जवाब नहीं दिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किसने हमला किया। काबुल की रक्षा सेना के कमांडर जनरल मुराद अली मुराद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘दो हमलावरों ने हमले किए। दुश्मन मोर्टार दाग रहे थे।’ उन्होंने बताया कि उन्हें मार गिराया गया और कम से कम छह नागरिक या सुरक्षा बल के सदस्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने रॉकेटों का इस्तेमाल किया, जिनमें से कई रॉकेट सुबह करीब नौ बजे कम से कम दो इलाकों में गिरे।

लड़ाई के दौरान अफगान सेना का एक हेलीकॉप्टर मध्य जिले में ईदगाह मस्जिद के समीप बहुत नीचे तक उतरा तथा आतंकवादी ठिकाने पर एक रॉकेट दागा जिससे आसमान में धूल का गुबार पैदा हो गया। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया जिससे विस्फोट और गोलियां चलने की आवाजें सुनी जा सकती थीं। मस्जिद राष्ट्रपति आवास के समीप है जहां गनी भाषण दे रहे थे। जब हमला शुरू हुआ तब भाषण फेसबुक पर लाइव दिखाया जा रहा था। विस्फोट की आवाजें आने पर राष्ट्रपति भाषण के बीच रुकते हुए दिखाई दिए।

उन्होंने कहा, ‘यह देश इन रॉकेट हमलों के आगे नहीं झुकेगा।’ हमलावर मस्जिद के पीछे एक इमारत में दिखाई दे रहे थे। कई साल पहले एक अन्य हमले में यह मस्जिद आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब दानिश ने पुष्टि की कि आतंकवादियों ने मस्जिद के समीप एक इमारत पर कब्जा किया और कई रॉकेट दागे। दानिश ने बाद में तोलो न्यूज को बताया कि आतंकवादी शहर को निशाना बनाने के लिए रॉकेट चालित ग्रेनेड और मोर्टार का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Back to top button