छत्तीसगढ़

गृहणियों ने बचत कर 20 दिव्यांगों को लगवाये कृत्रिम पैर

रायपुर : महावीर इन्टरनेशनल त्रिशला और विनय मित्र मण्डल रायपुर के संयुक्त प्रयास से 20 दिव्यांग को जयपुर कृत्रिम पैर प्रदान किया गया। यह समारोह जयपुर पैर के स्थायी वर्कशॉप पचपेड़ी नाका में संस्था की ओर हुआ, जिसमें त्रिशला की उत्साही गृहणियों ने बचत कर इसमें अपना सहयोग प्रदान किया।शुक्रवार को ये जानकारी विनय मित्र मण्डल के अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने दी। समारोह में इंदरचंद धाड़ीवाल, देवीचंद, अशोक मालू, महेन्द्र कोचर, खेमराज बैद, जितेन्द्र गोलछा विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे।
इंदरचंद धाड़ीवाल ने कहा कि पैर कटने से जीवन थम सा जाता है, दिव्यांग कृत्रिम पैर लगाकर पुन: अपने पैरों पर बिना सहारे चलने लगते हैं यह मानवता की सच्ची सेवा है। देवीचंद ने कहा कि महावीर इन्टरनेशनल त्रिशला की उत्साही गृहणियों ने अपनी बचत से 108 दिव्यांगों को जयपुर पैर वितरण का लक्ष्य तय किया है। यह सराहनीय कदम है। त्रिशला संस्था की कुसुम ने बताया कि इस शिविर के 20 जयपुर मिलाकर अभी तक इस वर्ष में 74 दिव्यांग लाभान्वित हुए हैं। शीघ्र 108 का लक्ष्य तय कर लिया जायेेगा। मण्डल के पूर्व अध्यक्ष खेमराज बैद ने बताया कि, अंचल में लगभग दस हजार पैर कटे दिव्यांग हैं जिन्हें हर 2-3 वर्षों में जयपुर पैर की आवश्यकता पड़ती रहती है। जयपुर पैर वितरण के अवसर पर कुसुम, निशा बोथरा, एकता जैन, शर्मिला जैन, शोभा, सुधा सेठिया, इन्दु लोढ़ा ने दिव्यांगों को जयपुर पैर पहनाकर चलने का अभ्यास कराया। इस अवसर पर नकुलदीप, ईसाराम भट्टाचार्य, जन्तराम बंजारे, धनुषलाल कांवरे, अब्दुल रज्जाक, कुमारी शांति, कांशीराम साहू, मायाराम यादव, पेखाराम लोधी, झम्मनलाल वर्मा, ग्वालीन बाई यादव, तारकेश्वर महतो, रमाशंकर शर्मा सहित अन्य लोगों को जयपुर प्रदान किया गया।

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