रूपए की गिरावट का असर झेल रहे लोगों से जानें किस तरह हो रही उनको परेशानी

0- शुक्रवार को भी रुपया 71 के नए निचले स्तर + पर चला गया

नई दिल्ली। 29 साल की पीएचडी स्कॉलर संचिता खुराना ने बीती रात न्यूयॉर्क की उड़ान भरी। उन्हें रिसर्च के लिए स्कॉलरशिप मिली है। उनके लिए पिछले कुछ दिन दहलानेवाले रहे हैं क्योंकि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने का लगभग हर दिन नया रेकॉर्ड बना रहा है। शुक्रवार को भी रुपया 71 के नए निचले स्तर + पर चला गया।

कि रुपया मजबूत होगा तब इसे डॉलर में बदलूंगी। लेकिन, ऐसा लगता है कि अभी बुरा दौर चल रहा है, इसलिए अब मैं और इंतजार नहीं कर सकती। अब मुझे रुपये को डॉलर में बदलने पर नुकसान उठाना ही पड़ेगा।’ संचिता ने गुरुवार को दक्षिणी दिल्ली में रुपये को डॉलर में तब्दील कर लिया।

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रुपये में गिरावट का दर्द सिर्फ संचिता को ही सहन नहीं करना पड़ रहा है, बल्कि अमेरिका के ईवी लीग कॉलेज से मास्टर डिग्री लेने के लिए हाल ही में नौकरी छोड़नेवाली चेन्नै की पत्रकार प्रीति जकारिया भी इससे पीड़ित हैं। उन्हें भी डर है कि रुपये की गिरावट के कारण पता नहीं अनुमान से कितना ज्यादा खर्च उठाना पड़ेगा।

जकारिया ने न्यू यॉर्क से टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘फी और अन्य खर्चे अनुमान से करीब 10% बढ़ गए। हालांकि, मेरा सौभाग्य है कि मुझे स्कॉलरशिप में अच्छी-खासी रकम मिल गई है, लेकिन रहने-खाने के साथ-साथ अन्य खर्चे बहुत बढ़ रहे हैं। सच में, मैं अब इसकी स्थितरता की उम्मीद करती हूं।’

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