कोरोना कब तक? कैसे मिलेगी मुक्ति – उपाय और ज्योतिषीय विश्लेषण

आचार्या रेखा कल्पदेव, 8178677715

वैदिक ज्योतिष में अल्पसंख्यक जिसे आज हम अपने आसपास जमाती के नाम से देख रहे हैं, का कारक ग्रह राहु हैं, राहु स्वभाव से दुष्ट प्रकृति का होता हैं, वर्त्तमान में राहु उच्च राशि अथार्त मिथुन राशि में 23 मार्च 2019 से गोचरस्थ हैं यह यहां 23 सितंबर 2020 तक रहने वाला हैं।

कोई भी ग्रह उच्च अवस्था में होने पर सबसे अधिक बली होता हैं, राहु भी इस समय प्रचंड रुप में महामारी फैलाने का कार्य कर रहा हैं।

राहु अपने स्वभाव के अनुसार सदैव छुपकर वार करता हैं। अतः राहु रूपी जमाती संक्रमणयुक्त होकर रोग के वायरस को चारों और फ़ैलाने का कार्य कर रहे हैं।

23 मार्च 2019 से भारत वर्ष की कुंडली

भारत वर्ष की कुंडली में राहु लग्न भाव में स्थित हैं और गोचर में यह 23 मार्च 2019 से भारत वर्ष की कुंडली के द्वितीय भाव पर विचरण कर रहा हैं।

यहां से राहु अष्टम भाव को सक्रिय कर रहा हैं और छिद्र भाव में स्थित केतु की दृष्टि से द्वादश भाव भी सक्रिय हैं।
शास्त्रों के अनुसार अष्टम भाव, अष्टमेश और इस भाव में स्थित ग्रह मृत्युकारक होते हैं।

तृतीय भाव अष्टम से अष्टम होने के कारण मृत्यु के लिए देखा जाता हैं। इस समय गोचर में शनि बाधकेश, मंगल द्वादशेष और गुरू अष्टमेश होकर युति संबंध में है और तीसरे भाव को सक्रिय कर रहे हैं।इसलिये आज स्थिति खतरनाक बनी हुई हैं।

किसी भी भाव का व्यय भाव उस भाव से द्वादश भाव होता हैं। राहु जब अपनी उच्च राशि से निकल कर वृषभ राशि में गोचर करेगा, उस समय इस पर पूर्ण नियंत्रण होगा।

4 मई 2020 से मृत्यु दर में कमी

4 मई 2020 से मृत्यु दर में कमी मंगल के कुम्भ राशि में जाने से होनी शुरू हो जाएगी। मृत्यु संख्या पर विराम 16 जून 2020 तक आने के योग हैं क्योंकि इस समय मंगल मीन राशि में गोचर कर भारत वर्ष की कुंडली के रोग और रिपु दोनों को नियंत्रित करने का कार्य करेंगे,

यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि सितम्बर तक राहु पंचम दृष्टि से शत्रुओं को उकसाने का कार्य करते रहेंगे और अष्टम भाव को भी सक्रिय रखेंगे ऐसे में रोग और शत्रु दोनो बार बार छुपकर आंशिक संख्या में कष्ट देते रहेंगे।

सावधानी के साथ साथ गुप्त शत्रुओं का संहार ही इस समस्या का समूल नाश कर सकता हैं।

सार – में कहें तो कोरोना वायरस से होने वाली मृत्यु दर का ग्राफ 4 मई 2020 के बाद कम होना शुरू होगा, और 16 जून 2020 में काफी हद तक संख्या कम जो जायेगी, कुछ केस अवश्य बीच बीच में अवश्य आएंगे जिनपर सितम्बर 2020 तक नियंत्रण होगा।

राहु वायरस को फैलने से रोकने के लिए सभी देशभक्त भारतीयों का राहु वस्तु जिसमें दवा या सेनेटाइजर भी हो सकता हैं, का ऑनलाइन दान एक अच्छा उपाय हो सकता हैं।

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