बेटी हो रही है जवान तो उसके साथ ऐसे करें बर्ताव

बच्चों की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, पेरेंट्स की चिंता भी बढ़ जाती है। इन दौरान पेरेंट्स पहले से अधिक सजग हो जाते है।

बच्चों की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, पेरेंट्स की चिंता भी बढ़ जाती है। इन दौरान पेरेंट्स पहले से अधिक सजग हो जाते है। वह अक्सर सोते है कि हमारा बच्चा कहीं पुरी संगत या गलत दिक्षा में न पड़ जाए ।

ऐसा खासकर बेटियों के मामले में ज्यादा होता है। बेटी अगर घर से कहीं बाहर जाती है तो भी पेरेंट्स को उसकी चिंता सताए जाती है लेकिन कई बार मां-बाप अपने बेटी कर ऐसी रोक-टोक लगाने लग जाते है जिस वजह से बेटी को अपने पेरेंट्स से नफरत होने लगती है और उनका कहना मानना तक बंद कर देती है।

अगर आपकी बच्ची में किशोर अवस्था में आ चुकी है तो उसके साथ जरा सावधानी के साथ नर्मी से बर्ताव करें।

मां-बाप ऐसे लें समझदारी

1. बदलाव के अनुसार ढलना

बढ़ती उम्र में बच्चे खुद व खुद अपने आप में कुछ बदलाव महसूस करने लगते है। ऐसे में उन्हें बात-बात पर टोकने के बजाएं अपने आप को समझने का मौका दें। अग बेटी अपने भीतर और आस-पास हो रहे बदलाव को खुद से समझेगी तो अच्छे से निर्णय ले पाएंगी।

2. दूसरों से उसकी तुलना

पेरेंट्स क्या करते है अक्सर अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों के साथ करने लगते है। जिस वजह से बच्चों को अपना अपमान महसूस होता है। ऐसे में उन्हें अपने पेरेंट्स ही दुश्मन लगने लगते है।

3. उन्हें भी स्पेस की जरूरत

हर कोई अपनी लाइप में स्पेस चाहता है। ऐसे में उसके पीछे जासूस की तरह मत घूमते रहे बल्कि उसको भी कुछ स्पेस दें।ऐसा करने से बच्चों और पेरेंट्स के बीच को भरोसा मजबूत होगा।

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