कई तरह की बीमारियों से निजात दिलाएंगा गुणकारी सौफ, कैसे जानें

सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन, पोटैशियम जैसे लाभकारी तत्व पाए जाते हैं

सौंफ सुगंधित होने के साथ ही कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है। जब शरीर में आयरन और पोटैशियम की कमी होती है तो महिलाओं में पीरियड्स में अनियमितता आने लगती है। सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन, पोटैशियम जैसे लाभकारी तत्व पाए जाते हैं।

अगर आपके पीरियड्स रेग्युलर नहीं हैं तो आप रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ 1 चम्मच सौंफ लें। इससे पेट संबंधी सभी बीमारियां भी दूर होंगी। जिन लोगों को कब्ज की दिक्कत रहती है, सौंफ के सेवन से वह भी दूर होती है।

जानें सौफ के गुणकारी लाभ

सौंफ का सेवन आंखों की रोशनी को बढ़ाता है। प्रतिदिन भोजन के बाद 1 चम्मच सौंफ खाएं या फिर आधा चम्मच सौंफ का चूर्ण एक चम्मच मिश्री के साथ मिलाकर रात को सोते दूध के साथ लें। सौंफ का चूर्ण दूध के स्थान पर पानी के साथ भी लिया जा सकता है।

10 ग्राम सौंफ के अर्क को शहद में मिलाकर दिन में 2-3 बार सेवन करने से खांसी ठीक होती है। या फिर 1 चम्मच सौंफ और 2 चम्मच अजवाइन को आधा लीटर पानी में उबाल लें और फिर इसमें 2 चम्मच शहद मिलाकर छान लें। इस काढ़े की 3 चम्मच को 1-1 घंटे के अन्तर पर पीने से खांसी में लाभ मिलता है।

छोटे बच्चे अक्सर पाचन समस्या से परेशान रहते हैं। बच्चों के पेट के रोगों के लिए दो चम्मच सौंफ के चूर्ण को दो कप पानी में अच्छी तरह उबाल लें।

एक चौथाई रह जाने पर इस पानी को छानकर ठंडा कर लें। इसे एक-एक चम्मच दिन में दो से तीन बार पिलाने से बच्चों में पेट का दूध पलटना, मरोड़ आदि शिकायतें दूर होती हैं।

शायद ही कोई व्यक्ति हो जो ‘सौंफ’ से परिचित न हो। सौंफ को मसालों की रानी भी कहा जाता है। आमतौर पर सौंफ छोटी और बड़ी दो प्रकार की होती है और दोनों ही खूशबूदार होती है।

सौंफ का उपयोग अचार और सब्जियों को टेस्टी और खूशबूदार बनाने के अलावा औषधी के रूप में भी बहुत अधिक होता है। आयुर्वेद के अनुसार सौंफ त्रिदोष नाशक होने के साथ ही बुद्धिवर्धक और रूचिवर्धक भी है।

100 ग्राम सौंफ को तवे पर भूनकर पीस लें। इसमें इतनी ही मात्रा में पिसी हुई मिश्री मिला लें। भोजन के बाद इसका 2 चम्मच सुबह शाम ताजे पानी के साथ सेवन करने से पाचन शक्ति ठीक रहती है।

आप चाहें तो एक कप पानी में आधा चम्मच सौंफ के चूर्ण और 5 बड़ी इलाइची डालकर उबालें, आधा रहने पर छान लें और इसमें दूध मिलाकर उबालें। इस दूध का सेवन बच्चे/बड़े सभी कर सकते हैं। इससे पाचन शक्ति बढ़ती है और पेट को लाभ होता है।

पेट में भारीपन महसूस हो रहा हो तो नींबू के रस में मिलाकर भींगी हुई सौंफ को भोजन के बाद खाने से तकलीफ दूर हो जाती है। इसके अलावा सौंफ को घी में भूनकर पीस लें, उसमें थोड़ी चीनी मिला दें। इस चूर्ण को सुबह शाम खाने से लूज मोशन ठीक हो जाते हैं। तवे पर भूनी सौंफ 2-2 चम्मच दिन में 1 से 4 बार लें। इससे भी पेट से जुड़ी तकलीफ दूर हो जाती है।

बच्चों को पानी में सौंफ उबालकर पिलाने से पतले दस्त आना बंद हो जाता है। छोटे बच्चों को किसी भी रूप में सौंफ, सौंफ का अर्क, सौंफ को उबालकर पानी देने से कोई हानि नहीं होती अपितु बच्चा स्वस्थ रहता है और उसकी कमजोरी दूर होती है।

कुछ लोगों को कई कारणों से नींद नहीं आती। ऐसी स्थिति में सौंफ का काढ़ा बनाकर दूध या शहद मिलाकर पीने से नींद आने लगती है। रात्रि को खाने के बाद और सोने से पहले सौंफ की चाय पीने से खाना भी हजम होता है और नींद अच्छी आती है।

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