श्रीश्याम महोत्सव में रविवार को उमड़ी भारी भीड़

रायपुर:  श्री श्याम महोत्सव में देश भर से पहुंचे भजन गायकों ने अपने मोहक और मधुर भजनों से रविवार को भारी संख्या में जुटे श्रद्धालुओं को श्याम भक्ति की रस में डूबो दिया। कलाकारों की ओर से प्रस्तुत राधाकृष्ण की झांकी में नृत्य नाटिका ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। श्री श्याम सेवा समिति की तरफ से सजाए गए श्याम दरबार में भक्तों के हाजिरी लगाने का सिलसिला रविवार को भी चलता रहा। श्री श्याम अखंड ज्योति पाठ के अंतर्गत श्रीश्याम बाबा की महिमा सुनाई गई। बाबा श्याम की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय बन पड़ा। 

कान्हा को बुलाने लगाईं भक्तों ने टेर : 

हारे का तू है सहारा सांवरे, हमने भी तुझको पुकारा सांवरे, नहीं और सहा जाये, हम बोल कहाँ जाये….। भजन की प्रस्तुति पर श्रद्धालुओं के आंखों में आंसू भी आ गए। बजरंग बंसल, निजाम भाई, रामकुमार लक्खा, आशु वर्मा, रेश्मी, संजय पारिख ने एक से बढ़कर एक भजन गाए। श्याम प्रभु को छप्पन भोग भी लगाये गए। 

समिति के अध्यक्ष सौरभ अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, झारखंड, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और छत्तीसगढ़ के श्याम भक्तों की जिस प्रकार जमावड़ा भीमसेन भवन में दिखा अलग-अलग परिवेश और बोलचाल के बीच वे सभी श्याम की भक्ति में समान रूप से धार्मिक और सामाजिक समरसता का संदेश दे रहे थे। प्रतापसिंह चौहान मंत्री श्रीश्याम मंदिर कमेटी (खाटू श्यामजी) ने बताया कि जहां पर भी श्रीश्याम महोत्सव का आयोजन होता है श्याम भक्त बगैर बुलाये ही पहुंच जाते हैं। छत्तीसगढ में रायपुर का आयोजन काफी सराहनीय रहा। 

श्री श्याम रत्न से हुए सम्मानित : 

अशोक अग्रवाल, बृजलाल गोयल, श्यामू शर्मा, पंकज गर्ग, विजय गर्ग, अरुण मित्तल, सुनील रामदास अग्रवाल, नमीत जैन, योगेश अग्रवाल, कन्हैया अग्रवाल, संदीप गोयल, राजेश अग्रवाल, अमर बंसल, सीताराम अग्रवाल, सुरेश गोयल, ईश्वर प्रसाद अग्रवाल, नवल किशोर अग्रवाल और जगदीश प्रसाद अग्रवाल को श्री श्याम रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।

श्री श्याम महोत्सव में देश भर से पहुंचे भजन गायकों ने अपने मोहक और मधुर भजनों से रविवार को भारी संख्या में जुटे श्रद्धालुओं को श्याम भक्ति की रस में डूबो दिया। कलाकारों की ओर से प्रस्तुत राधाकृष्ण की झांकी में नृत्य नाटिका ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। श्री श्याम सेवा समिति की तरफ से सजाए गए श्याम दरबार में भक्तों के हाजिरी लगाने का सिलसिला रविवार को भी चलता रहा। श्री श्याम अखंड ज्योति पाठ के अंतर्गत श्रीश्याम बाबा की महिमा सुनाई गई। बाबा श्याम की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय बन पड़ा। 

कान्हा को बुलाने लगाईं भक्तों ने टेर : 

हारे का तू है सहारा सांवरे, हमने भी तुझको पुकारा सांवरे, नहीं और सहा जाये, हम बोल कहाँ जाये….। भजन की प्रस्तुति पर श्रद्धालुओं के आंखों में आंसू भी आ गए। बजरंग बंसल, निजाम भाई, रामकुमार लक्खा, आशु वर्मा, रेश्मी, संजय पारिख ने एक से बढ़कर एक भजन गाए। श्याम प्रभु को छप्पन भोग भी लगाये गए। 

समिति के अध्यक्ष सौरभ अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, झारखंड, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और छत्तीसगढ़ के श्याम भक्तों की जिस प्रकार जमावड़ा भीमसेन भवन में दिखा अलग-अलग परिवेश और बोलचाल के बीच वे सभी श्याम की भक्ति में समान रूप से धार्मिक और सामाजिक समरसता का संदेश दे रहे थे। प्रतापसिंह चौहान मंत्री श्रीश्याम मंदिर कमेटी (खाटू श्यामजी) ने बताया कि जहां पर भी श्रीश्याम महोत्सव का आयोजन होता है श्याम भक्त बगैर बुलाये ही पहुंच जाते हैं। छत्तीसगढ में रायपुर का आयोजन काफी सराहनीय रहा। 

श्री श्याम रत्न से हुए सम्मानित : 

अशोक अग्रवाल, बृजलाल गोयल, श्यामू शर्मा, पंकज गर्ग, विजय गर्ग, अरुण मित्तल, सुनील रामदास अग्रवाल, नमीत जैन, योगेश अग्रवाल, कन्हैया अग्रवाल, संदीप गोयल, राजेश अग्रवाल, अमर बंसल, सीताराम अग्रवाल, सुरेश गोयल, ईश्वर प्रसाद अग्रवाल, नवल किशोर अग्रवाल और जगदीश प्रसाद अग्रवाल को श्री श्याम रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।

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