पेगासास जासूसी मामले और कई अन्‍य मुद्दों को लेकर दूसरे दिन भी संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा

राज्‍य सभा की कार्यवाही भी बार बार बाधित होती रही।

delhi: पेगासास जासूसी मामले और कई अन्‍य मुद्दों को लेकर आज लगातार दूसरे दिन भी संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष के शोर शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और आखिरकार दिन भर के लिए स्‍थगति कर दी गई। राज्‍य सभा की कार्यवाही भी बार बार बाधित होती रही।

लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्‍थगित होने के बाद दोपहर तीन बजे जैसे ही फिर शुरू हुई कांग्रेस सहित तृणमूल कांग्रेस द्रमुक और अन्‍य दलों के सदस्‍य पेगासस जासूसी मामले और अन्‍य मुद्दों पर स्‍थगन प्रस्‍ताव की मांग करते हुए अध्‍यक्ष के आसन के समीप पहुंच गए।

अध्‍यक्ष ने सदस्‍यों से शांति बनाए रखने की अपील की लेकिन वे विरोध करते रहे ऐसे में सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्‍थगित कर दी गई। वाईएसआर कांग्रेस के सदस्‍यों ने विशाखापत्‍तनम इस्‍पात संयंत्र के निजीकरण का विरोध किया और आंध्रपद्रेश को विशेष राज्‍य का दर्जा देने की मांग की।

राज्‍यसभा की कार्यवाही भी दो बार बाधित हुई। सदन में दोपहर एक बजे फिर चर्चा शुरु होते ही वाईएसआर कांग्रेस के सदस्‍य आंध्रप्रदेश को विशेष राज्‍य का दर्जा देने की मांग करते हुए अध्‍यक्ष के आसन के समीप पहुंच गए। सदन के नेता पीयूष गोयल ने शोर शराबा कर रहे सदस्‍यों से कहा कि वह पूरी दुनिया को प्रभावित करने वाली कोविड महामारी पर सदन में चर्चा होने दें। विपक्षी सदस्‍यों के हंगामें के बीच ही सदन में कोविड पर चर्चा शुरू हुई। वाईएसआर कांग्रेस के सदस्‍य शांत नहीं हुए और शोर शराबा करते रहे जिसपर सदन की कार्यवाही दोपहर पौने दो बजे तक के लिए स्‍थगित कर दी गई।

इससे पहले, जब दोपहर 12 बजे पहले स्थगन के बाद राज्‍यसभा की बैठक शुरू हुई, तो कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और अन्य दलों के सदस्य पेगासस जासूसी और अन्य मुद्दों पर स्थगन प्रस्तावों के लिये दवाब बनाते हुए फिर से सदन के बीचोंबीच आ गए। राष्‍ट्रीय जनता दल, शिवसेना, वाम और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने भी उनका साथ दिया। वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। उपसभापति हरिवंश ने बार-बार सदन में व्‍यवस्‍था बनाए रखने को कहा लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। बाद में सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक स्थगित कर दी गई।

सभापति एम वेंकैया नायडू ने सवेरे यह कहते हुए स्‍थगन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया था कि कल 17 स्थगन प्रस्ताव दिये गये थे और आज ऐसे 15 प्रस्ताव दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक ही समय में इन्‍हें कैसे अनुमति दी जा सकती है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इसे सदन में उठाने दिया जाना चाहिए।

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