छत्तीसगढ़

हमर छत्तीसगढ़ योजना : 623 पंचायत प्रतिनिधि अध्ययन भ्रमण पर रायपुर आए

विधानसभा में विधायी प्रक्रियाओं और संसदीय व्यवस्था से रू-ब-रू हुए पंचायत प्रतिनिधि

रायपुर : हमर छत्तीसगढ़ योजना के तहत दो दिनों के अध्ययन भ्रमण पर राजधानी आए सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, धमतरी और मुंगेली के पंच-सरपंचों ने रायपुर एवं नया रायपुर के अनेक स्थानों का भ्रमण किया। चारों जिलों से 623 पंचायत प्रतिनिधि अध्ययन भ्रमण पर आए हुए हैं। इनमें सरगुजा के 232, बलरामपुर के 156, धमतरी के 154 एवं मुंगेली के 81 पंच-सरपंच शामिल हैं। पंचायत प्रतिनिधियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए हमर छत्तीसगढ़ योजना के आवासीय परिसर नया रायपुर के उपरवारा के होटल प्रबंधन संस्थान में दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। यहां उन्होंने अपने खून, ब्लड प्रेशर और आंखों की जांच कराई। असामान्य ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर वालों को डॉक्टरों ने दवाईयां भी दीं।

अध्ययन भ्रमण के दौरान पंच-सरपंचों ने नया रायपुर में जंगल सफारी, मंत्रालय, शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और पुरखौती मुक्तांगन देखा। वहीं रायपुर में उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, साइंस सेंटर और स्वामी विवेकानंद विमानतल का अवलोकन किया। उन्होंने महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण का भी भ्रमण किया। पंचायत प्रतिनिधि विधानसभा में विधायी प्रक्रियाओं और संसदीय व्यवस्था से रू-ब-रू हुए। उन्हें कृषि विश्वविद्यालय में आधुनिक खेती, उन्नत बीज, उर्वरकों के उपयोग, मिट्टी परीक्षण एवं नवीन कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी दी गई। पंच-सरपंच साइंस सेंटर में विज्ञान के विभिन्न चमत्कारों और अनुप्रयोगों से परिचित हुए।

पहली बार राजधानी पहुंचे अधिकांश पंचायत प्रतिनिधि जंगल सफारी में वन्य प्राणियों को खुले में विचरते देख खासे रोमांचित हुए। पंचायत प्रतिनिधियों ने मंत्रालय के विभिन्न ब्लॉकों का भ्रमण कर वहां की कार्यप्रणाली और शासन-प्रशासन के कार्यों को समझा। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो के जरिए उन्हें छत्तीसगढ़ से जुड़े पौराणिक आख्यानों, इतिहास, पुरातत्व, छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की कहानी एवं अब तक के विकास के सफर के साथ ही शासन की अनेक योजनाओं की जानकारी दी गई।

आवासीय परिसर में पंचायत प्रतिनिधियों के लिए दोनों दिन विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों एवं सामूहिक चर्चा का आयोजन किया गया। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने गांवों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के अनुभव एक-दूसरे से साझा किए। इस दौरान विभागीय अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने राज्य शासन की योजनाओं के बारे में उन्हें विस्तार से जानकारी दी।

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