एम्स में वार्ड ब्वाय, वार्ड गर्ल, आया बाई और नर्सिंग में नौकरी दिलाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से ठगी

रायपुर। एम्स में वार्ड ब्वाय, वार्ड गर्ल, आया बाई और नर्सिंग में नौकरी दिलाने के नाम पर सैकड़ों बेरोजगार युवक-युवतियों से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपित ने पैसे लेने के बाद बेरोजगारों को इंटरव्यू के लिए एम्स परिसर में बुलाया था, लेकिन जब बेरोजगार वहां पहुंचे तो वह गायब था।

एम्स प्रबंधन से जानकारी लेने पर पता चला कि वे ठगी के शिकार हो गए हैं। शिकायत पर आमानाका पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर रविवार की रात को आरोपित युवक को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। साल भर पहले भी वह एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में जेल जा चुका है।

आमानाका थाना प्रभारी रामाकांत साहू ने बताया कि मकान नंबर 16 ब्लाक 17 बीएसयूपी कालोनी टाटीबंध निवासी एम.रूपा पिता एम.प्रभाकर (19) समेत 16 बेरोजगारों से ठगी हुई है। एम.रूपा ने रिपोर्ट लिखाई कि वह अपनी मौसी पी. सरोज के साथ रहती है। कक्षा 12वीं की प्राइवेट परीक्षा दे चुकी है।

मार्च में बीएसयूपी कालोनी की रिया बघेल से जानकारी मिली कि रोटरी नगर निवासी शेख अशरफ की एम्स अस्पताल में अधिकारियों एवं डाक्टरों से अच्छी जान-पहचान है। एम.रूपा नौकरी पाने के लालच में शेख अशरफ से मिली। उसने वार्ड ब्वाय, वार्ड गर्ल और आया की नौकरी दिलाने का झांसा दिया।

इसके बाद रिया के मामा अंकित कुमार मंडल ने वार्ड ब्वाय की नौकरी के लिए शेख अशरफ से बात की तो उसने चार हजार रुपये की मांग की और कहा कि और लोगों से नौकरी लगाने के लिए पैसे लिए हैं। 31 मार्च की सुबह अंकित मंडल के घर शेख अशरफ गया था। रिया से पूछने पर नौकरी के लिए पैसा देना बताया तब एम.रूपा ने वार्ड गर्ल की नौकरी पाने के लालच में शेख अशरफ से कालोनी में मुलाकात की।

उसने नौकरी दिलाने का वादा कर फारमेल्टी जमा करने का अंतिम दिन बताकर उससे मार्कशीट, आधार कार्ड, दो फोटो तथा चार हजार रुपये लाने को कहा। दोपहर 3 बजे बजे शेख अशरफ को एम. रूपा ने एम्स के सामने गुरुद्वारा के पास चार हजार रुपये आदि दिया।

इंटरव्यू के लिए एम्स बुलाया तब हुआ ठगी का खुलासा

आरोपित शेख अशरफ ने बेरोजगार युवक-युवतियों को 2 अप्रैल की सुबह 11 बजे इंटरव्यू के लिए एम्स अस्पताल परिसर में बुलाया। तय समय पर एम्स अस्पताल के गेट नंबर दो में एम. रूपा के साथ रिया बघेल, भनपुरी की एम. देवी प्रिया, मोनिका वर्मा, एम.चैतन्या, रितेश कुमार सेन, तेजस्वी सेन, भाग्य लक्ष्मी मज्जाी, वागेश्वरी वर्मा, अनिता सेन, लीला निषाद, सरोरा निवासी नरोत्तम साहू, गोगांव के शुभम यादव, उमेश्वरी धीवर, सड्डू की शकुंतला मानिकपुरी, महोबाबाजार की दामिनी बंजारे, टाटींबध के अंकित कुमार मंडल समेत अन्य पहुंचे।

घंटों इंतजार करने के बाद वहां शेख अशरफ नहीं आया और मोबाइल भी स्वीच ऑफ था तब पीड़ितों को शंका हुई। एम्स प्रबंधन से नौकरी के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि यहां कोई भर्ती नहीं हो रही है। परेशान होकर पीड़ित रविवार को आमानाका थाने पहुंचे।

एम्स में काम करती है मां

पुलिस के मुताबिक शेख अशरफ की मां एम्स में काम करती है। वहां पर उसका अक्सर आना-जाना लगा रहता है। वहां पर काम करने वाले लोगों से जान-पहचान होने का फायदा उठाकर पिछले साल भी उसने कई बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा था। पीड़ितों की शिकायत पर शेख अशरफ को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कुछ महीने बाद ही वह जेल से जमानत पर छूटकर फिर ठगी करने लगा था।

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