नाला सफाई कार्य के नाम पर बिना अनुमति काटे किसान के जमीन से सैकड़ों पेड़

जागेश्वर सिन्हा:

बालोद: जिले के ग्राम पंचायत खपरी के अंतर्गत मे चल रहे मनरेगा के तहत जुझारा नाला सफाई एवं गहरीकरण कार्य के नाम पर बिना अनुमति के खपरी पंचायत द्वारा गांव के ही एक किसान के जमीन से सैकड़ों फलदार एवं छायादार पेड़ काट दिए जिसकी जानकारी ना तो वन विभाग को है और ना ही राजस्व विभाग को है।

जानकारी के मुताबिक ग्राम खपरी पंचायत में मनरेगा के तहत जुझारा नाला में गहरीकरण कार्य चल रहा है। गहरीकरण का मिट्टी अस्थाई रोड में उपयोग किया जा रहा है। अस्थाई रोड का निर्माण में जितना भी पेड़ सामने आया उसे काट दिया गया।

खपरी पंचायत के द्वारा वन विभाग एवं राजस्व विभाग को सूचना देना उचित नहीं समझा और सैकड़ों पेड़ की कटाई कर दी। जिसमें 50 से अधिक पेड़ कव्हे की है। जो इमारती लकड़ी में काम आता है। जिसे काटने के लिए वन विभाग से परमिशन लेना पड़ता है।

लेकिन खपरी पंचायत के सरपंच, सचिव एवं पंचायत के पंचों को इसकी सूचना वन विभाग एवं राजस्व विभाग को देना उचित नहीं समझा। इसकी जानकारी वन विभाग एवं राजस्व विभाग को नहीं है।

यही नही इस पूरे मामले में पंचायत ने तानासाह रवैय्या अपनाते हुए इस रास्ते मे आने वाले गांव के ही 5 किसानों के निजी जमीन पर लगे पेड़ो की भी बलि चढ़ा दी। जबकि पेड़ो के कटाई के वक्त किसानों ने काम लगे मजदूरों को मना भी किया गया।

लेकिन मजदूरों द्वारा पंचायत के आदेश का हवाला देते हुए सीधे हरे भरे पेड़ो पर कुल्हाड़ी चला दी। मामले को लेकर किसानों ने बालोद एवं डौंडीलोहारा राजस्व व वन विभाग में भी शिकायत कर विकास के नाम पर भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की है।

दिनों दिन बढ़ता जा रहा है पर्यावरण को खतरा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी प्रशासन अवैध कटाई को रोकने में नाकाम है। जबकि पेड़ों को काटना कानूनी अपराध है। बता दें कि जहां पेड़ो की अवैध कटाई ने पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाया है और लगातार हो रही अवैध कटाई से मानव जीवन भी काफी प्रभावित हुआ है।

वृक्षो की अवैध कटाई को रोकने एवं पर्यावरण की रक्षा के लिये अब बिना परमिशन वृक्षों की कटाई करना कानुनी अपराध है और ऐसा करने वालो पर हजारों की जुर्माने के साथ-साथ सजा तक का प्रावधान है उसके बावजूद भी खपरी पंचायत द्वारा वृक्षों की कटाई कर पर्यावरण को खतरे में डाल रहे हैं।

यह एरिया राजस्व विभाग का है फिर भी हम अपने स्तर पर जानकारी लेंगे। : सतोविशा समाजदार, वनमंडलाधिकारी बालोद

मुझे इस पेड़ कटाई के बारे में जानकारी नहीं है एसडीएम और पटवारी आया था लेकिन पेड़ कटाई के बारे में परमिशन नहीं दिया है। : यशवंत निषाद, सचिव ग्राम पंचायत खपरी

मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है अगर अवैध पेड़ कटिंग हुआ है तो उसके बारे में जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगे। : रामकुमार सोनकर, तहसीलदार डौंडीलोहारा

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