छत्तीसगढ़

हंगर फ्री बिलासपुर ने शुरुआत की “लक्ष्य” सब पढ़े-सब बढ़े

रितेश गुप्ता:

बिलासपुर: हंगर फ्री बिलासपुर ने इसकी शुरुआत पाली क्षेत्र के नर्सरी पारा रंगोले गाँव के शा. प्रा. शाला में केक काटकर इसकी आगाज की, जिसमे शाला परिवार को कंप्यूटर एवं टीवी भेंट की गई, कार्यक्रम की शुरुआत में माँ सरस्वती की पूजा अर्चना एवं राजकीय गीत गाकर किया गया।

छोटे छोटे बच्चो के द्वारा अनेक संस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत

शाला के छोटे छोटे बच्चो के द्वारा अनेक संस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, कार्यक्रम में उपस्थित विकाश खंड शिक्षा अधिकारी जी ने अपने उद्बोधन में बताया कि हंगर फ्री बिलासपुर की यह पहल सराहनीय है इससे समाज को एक अलग संदेश जायेगा, शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चो के लिए यह बहुत बड़ी सौगात है और निश्चित ही इससे बच्चो के मन मे शाला आने का भाव जागृत होगा।

इसी कड़ी में संस्था प्रमुख विनीता राव ने बताया कि उन्होंने भी अपने प्रारंभिक शिक्षा शा. शाला में ही पूरा किया और आज वो एक अच्छे जगह में कार्यरत है उनका कहना था कि यह बच्चो के मानशिक और बौद्धिक विकास में सहयोग प्रदान करेगा, कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ समाज सेविका चुन्नी मौर्य ने बताया कि यह एक ऐसा शुरुवात है जिससे समाज के आपेक्षित बच्चो को भी एक नई शिक्षा पद्धति से उनका शिक्षा के प्रति भाव जागृत होगा…

अंत मे हंगर फ्री के संथापक चन्द्रकान्त साहू ने अपने दूरगामी सोच को बताते हुवे कहा कि उनका उद्देश्य है आने वाले 2 साल में 100 ऐसे शा प्रा शाला को डिजिटल स्कूल में बदलना है जो आदिवासी बाहुल्य है जहाँ आज भी गांव मुख्यधारा से नही जुड़ पाया…

अपने संस्था के बारे में बताया कि उनका मुख्य काम गरीब भूखे लोगो को प्रतिदिन भोजन कराना और समाज के ऐसे अनेक कार्य जो समाज हित है उसके लिए उनकी संस्था प्रतिबद्ध है कार्यक्रम का संचालन कर रहे शिक्षक सुनील जायसवाल ने बड़े ही उम्दा तरीके से आयोजन को सफल बनाया, कार्यक्रम में वरिष्ठ समाज सेवक करण गोयल, निहारिका राव, जितेश दक्ष, रूपेश शुक्ला, संकुल के शिक्षक गण, शाला के छात्र, पालक एवं काफी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे

Tags
Back to top button