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यहां 12 हजार है एक दर्जन अंडों की कीमत, महंगाई ने तोड़ी कमर

यहां 12 हजार है एक दर्जन अंडों की कीमत, महंगाई ने तोड़ी कमर

भारत में अंडों की कीमत में 35 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हो गया है. लगातार बढ़ती महंगाई की वजह से लोगों में रोष है. लेक‍िन एक ऐसा भी देश है, जहां महंगाई 4000 फीसदी बढ़ चुकी है. यहां लोगों को एक दर्जन अंडों के लिए 12 हजार तक चुकाने पड़ रहे हैं. यह हाल है वेनेजुएला का.

दरअसल वेनेजुएला की मुद्रा बॉलिवर की वैल्यू डॉलर के मुकाबले काफी ज्यादा गिर चुकी है. इसकी वजह से यहां भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं. सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां एक हफ्ते का गुजारा करने के लिए लोगों को 7 लाख बॉलिवर खर्च करने पड़ रहे हैं.

84000 में बिक रहा एक पैकेट दूधवेनेजुएला के केंद्रीय बैंक के पास अब सिर्फ 10 अरब डॉलर बचे हुए हैं. बैंक का खाजाना कर्ज चुकाने में ही खत्म हो गया है. अभी वह अपना पूरा कर्ज नहीं दे पाया है. यहां एक डॉलर की वैल्यू 84000 बॉलिवर हो गई है. यहां एक पैकेट दूध के लिए लोगों को 84000 बॉलिवर चुकाने पड़ रहे हैं.

वेनेजुएला के अलावा जिंबाब्वे में भी हायपरइंफ्लेशन के हालात बने हुए हैं. यहां महंगाई इतनी ज्यादा स्तर पर है कि यहां भी भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं. जिंबाब्वे कई सालों से अतिमहंगाई के हालात से जूझ रहा है.

जिम्बाब्वे में एक वक्त महंगाई के हालात इतने बद्तर हो गए कि यहां एक ब्रेड का पैकेट खरीदने के लिए लोगों को करोड़ों डॉलर खर्च करने पड़ रहे थे. डॉलर के मुकाबले यहां की मुद्रा की वैल्यू बहुत ही ज्यादा घट गई थी.

यही हाल यूगोस्लाविया का भी रहा. अति महंगाई ने इस देश की कमर तोड़ दी थी. अन्य देशों ने इससे व्यापार करना बंद कर दिया था; इससे निपटने के लिए यहां नये नोट छापे गए. इसकी वजह से यहां हर 34 घंटे में महंगाई बढ़ने लगी थी. यहां 1992 से लेकर 1994 के बीच ये हालात रहे. इस दौरान यहां के केंद्रीय बैंक ने 5 खरब दिनार का भी नोट छापा था.

जर्मनी में भी अति महंगाई के हालात पनपे. एडॉल्फ हिटलर की तानाशाही के दौरान 1922-23 में यहां महंगाई काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी. यहां लोगों को रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए ट्रक भरकर रुपये ले जाने पड़ते थे.

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