मैं गॉसिप गर्ल नहीं हूं, लेकिन जानती सब कुछ हूं: परिणीति चोपड़ा

मुंबई : दावते-ए-इश्क, मेरी प्यारी बिंदू, किल-दिल और नमस्ते इंग्लैंड जैसी लगातार फ्लॉप फिल्म देने वाली अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा इन दिनों अक्षय कुमार के साथ फिल्म केसरी को लेकर चर्चा में हैं। परिणीति की जब कई फिल्में लगातार फ्लॉप रही तो उन्होंने एक छोटा सा ब्रेक लिया और अपने आपको ग्रूम कर वापस लौटीं, लेकिन मामला फिर भी नहीं जमा। विपुल शाह के निर्देशन में बनीं फिल्म नमस्ते इंग्लैंड भी फ्लॉप हो गई।

अपने फ्लॉप करियर से परेशान परिणीति ने केसरी के प्रमोशनल इंटरव्यू के दौरान मीडिया से बातचीत के पहले ही साफ कर दिया कि उनसे कोई गॉसिप वाले सवाल न पूछें जाएं, उनकी लाइफ में खुद इतना सब कुछ चल रहा है, दूसरों के बारे में न सोचने का टाइम है और न ही गॉसिप करने का। अपनी फ्लॉप फिल्मों के बारे में बात करते हुए साफ कह दिया कि फिल्मों के फ्लॉप होने में 100 चीजें होती हैं, हर चीज पर तो कंट्रोल नहीं किया जा सकता है न।

परिणीति ने साफ कह दिया, मैं गॉसिप करने वाली लड़की नहीं हूं। प्लीज मुझसे अच्छे सवाल पूछना। जो लड़की गॉसिप करती है, उसे गॉसिप गर्ल करते हैं, मैं वह नहीं हूं। मतलब, आप किसी के बारे में कोई बात नहीं करती हैं? मुझे दूसरों के बारे में कोई इंट्रेस्ट ही नहीं है कि मैं घर जाकर, उस बारे में बात करूं। कुछ इंट्रेस्टिंग हुआ तो जरूर डिस्कस कर लेती हूं, लेकिन तुरंत ही उस चीज से बाहर भी निकल जाती हूं। इतना टाइम नहीं है मेरे पास, मेरा बहुत कुछ चल रहा है।

काम के दौरान प्रतियोगिता, गॉसिप और आपस में तुलना भी तो होती है, उसे कैसे डील करती हैं? रही बात साथी कलाकारों के साथ तुलना और गॉसिप की तो वह तो होता ही रहता है। जब आप खुद को एक ऐक्टर डिक्लियर कर देते हैं, उसी समय पता होता है कि यहां आपसी प्रतियोगिता और तुलना होगी। अब आप किसी सोलो इंडस्ट्री में तो हैं नहीं पचासों ऐक्टर्स हैं यहां पर, सभी लोग काम कर रहे हैं तो जाहिर सी बात है कि तुलना और प्रतियोगिता तो होगी ही।

भले हम सभी ऐक्टर्स अलग-अलग उम्र के हों तब भी तुलना और प्रतियोगिता होगी। यह सब मीडिया द्वारा क्रिऐटेड हाइप है। असल मैं ऐसा नहीं है कि मैं हर लड़की पर नजर मार रही हूं कि कौन सी लड़की क्या कर रही है, उसको आगे बढऩे से रोको। ऐसा असलियत में कुछ नहीं होता है।

जो लड़की, जिस रोल में फिट होती है, वह वहां कास्ट हो जाती है और अगर वह फिट नहीं होती तो किसी भी प्रड्यूसर के पास इतना पैसा बरबाद करने के लिए नहीं होता है। कोई भी निर्माता किसी लड़की या लड़के को अपनी फिल्म में लेने के लिए रिस्क नहीं लेता है।

मैं किसी भी ऐक्टर्स के काम को ट्रैक नहीं करती, लेकिन रही बात उसके काम के बारे में जानने की… तो हां, ऑफकोर्स मैं यह जानती हूं कि कौन सा ऐक्टर क्या कर रहा है। सभी ऐक्टर्स मेरे दोस्त हैं, सच तो यह है कि वह सभी मुझे इंपायर करते हैं। मैं बहुत पॉजिटिव सोच रखने वाली लड़की हूं। कोई कुछ निगेटिव भी कहता है तो उसमें भी मैं कोई एक बात पॉजिटिव ढूंढ लेती हूं।
जब प्रतियोगी ऐक्टर के बारे में सुनती हूं कि उसे वह रोल मिल गया है, जो मैं करना चाहती थी, तो…
मैं लड़ाई नहीं कर सकती। मैं जब अपने प्रतियोगी ऐक्टर्स के बारे में सुनती हूं कि उसे वह रोल मिल गया है, जो मैं करना चाहती थी, तो मुझे उसके लिए भी उतनी ही खुशी होती है, जितनी खुद के लिए। आप विश्वास करें या न करें लेकिन मैं ऐसी ही हूं। यह बहुत अजीब सी प्रतियोगिता है। अब अगर कोई धोनी की बायॉपिक कर रहा है, मैं सोचती हूं कि काश मैं धोनी का रोल कर पाती, यह मैं एक उदाहरण दे रही हूं।

मैं अपनी सबसे बड़ी क्रिटिक हूं। अगर मेरी कोई फिल्म बुरी होती है तो मैं खुद को गालियां देती रहती हूं। अपने दोस्तों से बार-बार उस बुरी फिल्म के बारे में बात करती हूं कि वह फिल्म कितनी बेकार थी। मैं दोस्तों से बुरी फिल्म के बारे में इतना बात करती हूं कि दोस्त भी परेशान हो जाते हैं और कहते हैं, हमको पता है कि बुरी फिल्म थी।

मुझे लगता है कि यह मेरा तरीका है खुद की बुराई को याद रखने का और खुद को खुश भी रखने का। मैं अपनी गलतियों से डिप्रेस होने से बेहतर खुद को पॉजिटिव और बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं। अब कोई फिल्म चले न चले, वह तो मेरे हाथ में नहीं है। 100 चीजें हैं, जो गलत हो सकती हैं। हर चीज अपने कंट्रोल में नहीं होती हैं।

हम लोग नार्थ में पैदा हुए हैं, इसलिए सारागढ़ी युद्ध, पानीपत युद्ध और कुरुक्षेत्र युद्ध के बारे में खूब पढ़ा-सुना है। मैं अंबाला से हूं तो सब सुना हुआ था, यह शहर देखे हुए हैं, लेकिन जब फिल्म का ऑफर आया तो खूब रिसर्च भी किया था।

फिल्म केसरी की कहानी 1897 में हुई सारागढ़ी की लड़ाई पर आधारित है, जो ब्रिटिश इंडियन आर्मी की सिख रेजिमेंट और अफगान-पश्तो मिलिट्री के बीच हुई थी। इस लड़ाई में रेजिमेंट के 21 सिख सैनिकों ने 10,000 अफगानियों का बहादुरी से सामना किया था। लड़ाई में हिस्सा लेने वाले अक्षय कुमार और परिणीति चोपड़ा स्टारर केसरी का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। यह फिल्म 21 मार्च को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है।

Back to top button