कैप्टन फिन के साथ मैंने राफेल में उड़ान भरी, काफी कंफर्ट उड़ान रही: राजनाथ सिंह

इस खास उड़ान के अनुभव को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया से साझा किया

पेरिस:भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस से भारतीय वायुसेना को मिलने वाली पहली राफेल विमान में उड़ान भरी. इससे पहले रक्षामंत्री ने शस्त्र रूपी राफेल की विधि-विधान से पूजा की.

इस खास उड़ान के अनुभव को मीडिया से साझा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘कैप्टन फिन के साथ मैंने राफेल में उड़ान भरी. काफी कंफर्ट उड़ान रही. इन्होंने (कैप्टन फिन) ने मुझे सुपरसोनिक की स्पीड से राफेल में यात्रा कराई.

सुपरसोनिक की स्पीड से उड़ान भरने के बारे में मैंने अपने जीवन में कभी नहीं सोचा था, यह मेरे जीवन का अद्भूत पल रहा. राफेल में उड़ान भरकर काफी अच्छा लगा.’ इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत वायुसेना की ताकत किसी पर हमले के लिए नहीं बढ़ा रहा है. हम सेल्फ डिफेंस के लिए अपनी ताकत को बढ़ा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि कुछ महीनों में 18 राफेल भारत को मिल जाएंगे. अप्रैल 2022 तक भारत को डील के मुताबिक सभी 36 राफेल मिल जाएंगे. रक्षामंत्री ने फ्रांस की धरती से देशवासियों को वायुसेना के 87वां स्थापना दिवस और विजयादशमी की शुभकामनाएं दी. रक्षामंत्री ने कहा कि आज विजयादशमी है इसलिए उन्होंने शस्त्र के रूप में राफेल की पूजा की.

करीब 35 मिनट की उड़ान भरने के बाद राजनाथ सिंह धरती पर लौटे और पूरे शान के साथ राफेल से बाहर निकले. वह काफी खुश दिख रहे थे. उनके चेहरे की मुस्कान बयां कर रही थी कि उन्हें राफेल की उड़ान में काफी आनंद आया. राफेल से उतरते वक्त एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने उन्हें सहारा देने के इरादे से अपना हाथ बढ़ाया, लेकिन भारत के रक्षामंत्री ने मना कर दिया और खुद से एक मंजे हुए पायलट की तरह राफेल से बाहर निकले.

रक्षामंत्री ने शस्त्र रूपी राफेल की विधि-विधान से पूजा की

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के लिए पहला राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से रिसीव किया. विजयादशमी पर राफेल को रिसीव करने के बाद रक्षामंत्री ने पूरे विधि-विधान से इसकी शस्त्र पूजा की.

इसके बाद राजनाथ सिंह इसकी पहली उड़ान पर निकल पड़े. राजनाथ सिंह पूरी तरह से एक फाइटर पायलट की तरह ड्रेसअप होकर दुनिया के सबसे तेज-तर्रार फाइटर प्लेन राफेल में सवार हो गए और आसमान में हवा से बातें की.

भारत ने दशहरा पर फ्रांस में पहला राफेल विमान प्राप्त किया

रक्षामंत्री राजनाथ सिह ने दशहरा के अवसर पर मंगलवार को 36 राफेल विमानों में से पहले विमान को औपचारिक रूप से प्राप्त कर लिया. लड़ाकू विमान राफेल, विमान के विनिर्माता दसॉ एविएशन के स्थल मेरिगनाक में सुपूर्द किया गया.

दसॉ एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने बाडरे-मेरिगनेक एयर बेस पर राजनाथ सिंह का स्वागत किया. सिंह पेरिस से यहां फ्रांसीसी सैन्य विमान से आए थे. उन्होंने ट्रैपियर और फ्रांस के अधिकारियों की अगुवाई में दसॉ एविएशन के संयंत्र का दौरा किया.

विमान को सुपूर्द करने से पहले राजनाथ सिंह को विमान विनिर्माता के इतिहास पर एक संक्षिप्त ऑडियो-वीडियो क्लिप दिखाई गई. उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ले विमान को सुपूर्द करने के कार्यक्रम में मौजूद रहे.

उन्होंने कहा, ‘पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैक्स शिराक ने पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर रणनीतिक साझेदारी के लिए मूल आधार तैयार किया था. हम उनके आभारी हैं.

आज का दिन भारत और फ्रांस के लिए मील का पत्थर और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की नई ऊंचाई का दिन है.’ विमान प्राप्त करने के बाद सिंह ने पारंपरिक शस्त्र पूजा की, जिसके बाद रक्षामंत्री इस दो सीट वाले लड़ाकू विमान में उड़ान भरेंगे.

भारत ने विमान को प्राप्त करने के लिए 8 अक्टूबर का दिन सिर्फ दशहरा की वजह से नहीं, बल्कि 8 अक्टूबर के दिन हर वर्ष मनाए जाने वाले वायुसेना दिवस की वजह से चुना. दशहरा हिंदू परंपरा के अनुसार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और सदियों से दशहरा उत्सव के दौरान शस्त्र पूजा की परंपरा रही है. पहले लड़ाकू विमान का नंबर आरबी 001 है.

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