मुझे आलोचक पसंद है, लेकिन दुर्भाग्य से आलोचकों की संख्या बहुत कम है: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने अपने सार्वजनिक जीवन के 20 साल पूरे होने के मौके पर OPEN मैग्जीन को दिए एक इंटरव्यू में आलोचकों को जवाब देते हुए राजनीतिक जीवन पर विस्तार से बात की. पीएम मोदी ने कहा कि मैं महसूस करता हूं कि, मेरे खुद के बेहतर विकास के लिए आलोचना जरूरी है. इसीलिए मैं आलोचना को बहुत महत्व होता है. यही वजह है कि मैं आलोचकों का बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन दुर्भाग्य से आलोचकों की संख्या बहुत कम है. ज्यादातर लोग सिर्फ आरोप लगाते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों की संख्या बहुत है, जो खेल खेलते हैं. आलोचना करने के लिए बहुत मेहनत की जरूरत होती है. रिसर्च करनी होती है, ऐसे में तेजी से दौड़ने वाले समय में लोगों के पास वक्त की कमी है, जिस वजह से मैं आलोचकों को मिस करता हूं. पीएम मोदी ने इंटरव्यू के दौरान ये भी कहा कि उनकी नीतियां जनता की मुश्किलों को दूर करने वाली रही हैं.

मेहनत और पसीने से बनाया भरोसा

अपनी छवि और पीआर मैनेजमेंट को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने लोगों के बीच भरोसा, उनसे जुड़ाव के जरिए बनाया है. लोग महसूस करते हैं कि, उनका प्रधानमंत्री उनकी दिक्कतों को समझता है, उनकी तरह सोचता है, वो हमारे परिवार का ही हिस्सा है. ये पीआर एजेंसी की बनाई धारण नहीं बल्कि मेहनत और पसीने से कमाई हुआ विश्वास है.

बहुत समय सत्ता से दूर रहा

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं बहुत समय तक सत्ता से दूर रहा हूं. मैंने लोगों की परेशानियों, उनकी आकांक्षाओं को देखा है, जिस वजह से उन्हें समझता हूं. यही वजह है कि नीतियों में लोगों की सोच दिखाई देती है.

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