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दिल्ली में हाई-टेक बैडमिंटन अकादमी खोलना चाहती हूं:अमिता

सभी शीर्ष स्तर के एथलीटों की तरह बैडमिंटन उनके दृष्टिकोण में हमेशा रहा है

नयी दिल्ली: 22 जुलाई (सन्मार्ग लाइव) चार बार की राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियन और दिल्ली कैपिटल बैडमिंटन संघ (बीसीबीए) की अध्यक्ष अमिता सिंह ने कहा है कि वह राजधानी में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से हाई-टेक अकादमी खोलना चाहती हैं।

अमिता सिंह मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय राजनेता हैं और उनका सपना है कि राजधानी से अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता निकलें। अमिता ने कहा, ‘दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले बैडमिंटन खिलाड़ियों की हमारे पास कमी है और हमें इस कमी को दूर करने का प्रयास करना है।

‘ उन्होंने दिल्ली में बैडमिंटन का स्तर उठाने की योजना बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हाई टेक स्पोटर्स अकादमी और टॉप स्तर के एथलीट तैयार करना है। उन्होंने यह बातें भारतीय बैडमिंटन संघ के पूर्व महासचिव और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अनूप नारंग के साथ वेबिनार में चर्चा के दौरान कही।

अमिता ने कहा, ‘हम दिल्ली की विभिन्न अकादमी से कुछ बेहतरीन खिलाड़यों का चयन करेंगे और इन लोगों को अकादमी में भेजेंगे जहां उन्हें जरुरी सुविधाएं दी जाएंगी। इस अकादमी में बेहतर उपकरण, सर्वश्रेष्ठ कोच, तकनीक, डॉक्टर, पोषण चिकित्सक, फिजियो और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।

‘ उन्होंने माना कि हाई-टेक अकादमी खोलने के लिए संघ के सामने वित्तीय चुनौती आड़े आ रही है। डीसीबीए की अध्यक्ष ने कहा कि वह इसके लिए सरकार और सीएसआर फंड की मदद लेंगी। वह 18 वर्षों तक बैडमिंटन खिलाड़ी रहीं है और उन्हें इस बात का बखूबी अंदाजा है कि एथलीटों को अपने खेल में सुधार के लिए किन वस्तुओं की आवश्यकता पड़ती है।

अमिता ने राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने युवा खिलाड़ियों के लिए खेल यूनिवर्सिटी खोलने की वकालत की जिससे खिलाड़ी हरसंभव ट्रेनिंग कर सकें। अमिता ने कहा, ‘एक खिलाड़ी जिन चुनौतियों का सामना करते हैं उसकी तुलना में नियमित छात्रों की चुनौतियां काफी अलग होती है।

भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष

कोई भी प्रोफेशनल एथलीट हर दिन कम से कम छह से आठ घंटे तक शारीरिक ट्रेनिंग करना चाहता है।’ उन्होंने कहा, ‘यूनिवर्सिटी में खिलाड़ियों को जरुरी सुविधा मिल सकती है जिससे उन्हें उच्च स्तरीय एथलीट बनने में मदद मिलेगी।’ करीब दो दशक तक राष्ट्रीय स्तर और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग ले चुकीं अमिता खेल से कभी अलग नहीं रही।

सभी शीर्ष स्तर के एथलीटों की तरह बैडमिंटन उनके दृष्टिकोण में हमेशा रहा है। राजधानी के कुछ योग्य खिलाड़ियों के पास मौकों की कमी ने उन्हें प्रशासक के रुप में वापस आने पर प्रेरित किया।अमिता ने कहा, ‘कुछ समय पहले कुछ माता-पिता मेरे पास आए और उन्होंने मुझसे कहा कि कुछ तकनीकी कारणों से उनके बच्चे उत्तरी जोन चैंपियनशिप में भाग नहीं ले पा रहे हैं। इस पर मैंने भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष से बात की। उनके हस्तक्षेप से बच्चों ने ना सिर्फ उस चैंपियनशिप में भाग लिया बल्कि उन्होंने पदक भी जीते। इससे मुझे काफी संतुष्टि मिली। ‘

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