23 साल की उम्र में बना आईएएस अफसर, भाई के साथ सैल्यूट मारने की जिद ने यहां तक पहुंचाया

चरखी दादरी. भाई के साथ सैल्यूट मारने की जिद ने विवेक आर्य ने मात्र 23 वर्ष की उम्र में आईएएस की सफलता हासिल की है. हालांकि विवेक का लेफ्टिनेंट में चयन हुआ था बावजूद इसके दूसरी बार में यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में 131वां रैंक हासिल कर प्रदेश व क्षेत्र का नाम रोशन किया है. दादरी जिला से चार युवाओं ने यूपीएससी की परीक्षा पास की है. शुक्रवार देर शाम यूपीएससी की परीक्षा का परिणाम जारी हुआ है, जिसमें दादरी जिला के गांव गोपी निवासी विवेक आर्य (Vivek Arya) ने 131वां, गांव पैंतावास खुर्द निवासी शाश्वत सांगवान ने 320वां, गांव डोहका मौजी निवासी ऋषभ शर्मा ने 434 वां व भागवी निवासी अंकित तक्षक 657 रैंक हासिल की है.

सभी युवाओं ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों व गुरुजनों को दिया है. सबसे कम उम्र के गांव गोपी निवासी विवेक आर्य का परिवार आर्य समाज से जुड़ा है और साधारण परिवार से संबंधित है. विवेक के पिता विरेंद्र आर्य की बाढड़ा कस्बे में स्पेयर पार्ट्स की दुकान व घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा और मिठाइयां बांटकर खुशियों मनाई. हालांकि विवेक आर्य दिल्ली में कोचिंग कर रहा है और सोमवार को घर पहुंचेगा. विवेक के घर आने से पहले परिवार वाले उसके सम्मान को लेकर तैयारियां में जुट गए हैं. गांव पैंतावास खुर्द निवासी शाश्वत सांगवान, गांव डोहका मौजी निवासी ऋषभ शर्मा व भागवी निवासी अंकित तक्षक के परिवार में भी खुशी का माहौल है.

विवेक के पिता विरेंद्र आर्य व माता सुनीता ने बताया कि बच्चों को बचपन से ही आर्य समाज का अनुसरण करने की प्रेरणा दी. जिसके कारण उनका बेटा आज दूसरी सफलता में 23 वर्ष की उम्र में आईएएस बनेगा. हालांकि विवेक का भाई व बहन भी आईएएस की तैयारियों में जुटे हुए हैं. विवेक का बड़ा भाई भी लेफ्टिनेंट के पद चयन हुआ है और वह आईएएस बनना चाहता है. साधारण परिवार में रहते हुए बच्चों ने सफलता लेकर उनका नाम रोशन कर दिया है.

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