ICC ODI World Cup 2019: आज क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) करेगा अपनी टीम की घोषणा

1983 में भारत ने इंग्लैंड में जीता था पहला वर्ल्ड कप

नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ODI विश्व कप (ICC ODI World Cup 2019) के लिए आज 15 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान किया जाएगा। इसमें विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा, शिखर धवन, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शामी, जसप्रीत बुमराह का नाम तय माना जा रहा है। इसके अलावा ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या, केदार जाधव, अंबाती रायडू भी दौड़ में हैं।

प्रसाद और विराट पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आईपीएल-12 का प्रदर्शन विश्वकप टीम के चयन में मायने नहीं रखेगा। प्रसाद ने हाल ही में कहा था कि 20 खिलाड़ियों का पूल चुना जा चुका है जिनमें से 15 का चयन होना है। प्रसाद के नेतृत्व वाले चयन पैनल के अन्य सदस्य सरनदीप सिंह, देबांग गांधी, जतिन परांजपे और गगन खोड़ा हैं। टीम सोमवार को चुनी जाएगी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद में विश्वकप की टीमों को 23 मई तक अपने अंतिम दल में परिवर्तन की अनुमति दे रखी है।

विश्वकप का आयोजन 30 मई से इंग्लैंड में होना है। इंग्लैंड वही जगह है जहां भारत ने पहली बार 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्वकप जीतकर इतिहास रचा था। भारत ने दूसरी बार 2011 में अपनी मेजबानी में यह खिताब अपने नाम किया था।

नंबर 4 पर होगी माथापच्ची

पिछले काफी समय से टीम संयोजन को लेकर चयनकतार्ओं में माथापच्ची चल रही थी जबकि कप्तान विराट भी अलग अलग सीरीज में विभिन्न संयोजनों को लेकर प्रयोग कर चुके हैं, जिनमें मध्यक्रम में चौथे नंबर पर बल्लेबाज को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है।

ऑस्ट्रेलिया के साथ भारतीय टीम की घरेलू मैदान पर गत माह हुई वनडे सीरीज आईसीसी टूनार्मेंट से पूर्व आखिरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज भी थी जिसमें विराट ने भी कई प्रयोग किए थे, बावजूद इसके भारत को पांच मैचों की सीरीज में 2-3 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि इससे पहले भारत ने न्यूजीलैंड को उसके घर में 4-1 से और ऑस्ट्रेलिया को उसी की जमीन पर 2-1 से हराया।

टीम इंडिया के ओपनर तय

31 वर्षीय स्टार बल्लेबाज ने घरेलू सीरीज हारने के बाद कहा था कि इस हार के बावजूद विश्वकप टीम लगभग तय है और आखिरी समय में एकाध बदलाव ही देखने को मिलेगा। ओपनिंग में शिखर धवन और रोहित शर्मा का स्थान पक्का है और लोकेश राहुल को वैकल्पिक ओपनर चुना जा सकता है। राहुल ने इस आईपीएल में ओपनिंग में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। शिखर ने भी अपने पिछले मुकाबले में नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेली थी।

चौथे नंबर का मुकाबला होगा दिलचस्प

हालांकि मध्यक्रम में चौथे नंबर पर चयन काफी दिलचस्प होने वाला है। यही वह क्रम है जिसपर खेलते हुए युवराज सिंह ने 2011 के विश्वकप में यादगार प्रदर्शन किया था और भारत को खिताबी जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह क्रम पिछले कुछ समय में लगातार चर्चा का विषय रहा है। चौथे नंबर पर अंबाती रायडू टीम के सबसे सीनियर सदस्य महेंद्र सिंह धौनी यहां तक की लोकेश राहुल और युवा ऋषभ पंत विकल्प हो सकते हैं।

2017 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद 11 बल्लेबाज खेल चुके हैं

यह दिलचस्प है कि 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से टीम प्रबंधन ने चौथे क्रम पर 11 बल्लेबाजों को उतारा हैस जिनमें अंबाती रायडू ने सर्वाधिक मैच खेले हैं। गत वर्ष विंडीज के साथ घरेलू सीरीज में भी रायडू की इस क्रम पर भूमिका को कप्तान ने सराहा था। हालांकि पिछले काफी समय से रायडू की फार्म संतोषजनक नहीं है। लेकिन आईपीएल में उन्होंने कुछ अच्छी पारियां खेली हैं।

ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक के बीच मुकाबला

कप्तान विराट की पसंद ऋषभ पंत टीम के लिए एक्स फैक्टर होने के साथ-साथ दूसरे वैकल्पिक विकेटकीपर-बल्लेबाज भी हो सकते हैं। हालांकि, टेस्ट में खुद को साबित कर चुके पंत के लिए अभी वनडे में खुद को साबित किया जाना बाकी है। बाएं हाथ का यह बल्लेबाज विस्फोटक बल्लेबाजी करता है और टीम को मध्य ओवरों में जरूरी रन गति दे सकता है।

टीम में दूसरे विकेटकीपर के रूप में पंत का मुकाबला दिनेश कार्तिक के साथ है। कार्तिक ने खुद को फिनिशर के रूप में तैयार किया है और उनकी बल्लेबाजी में भी एक आक्रामकता है। धोनी के बाद टीम में एक विकेटकीपर चुना जाना है और पंत तथा कार्तिक में से कोई एक विश्वकप टीम का हिस्सा बनेगा। पंत कलाई के स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाज हैं। भारत ए टीम के कोच राहुल द्रविड़ भी उनसे काफी प्रभावित हैं।

ऑलराउंडर के लिए पांड्या प्रबल दावेदार

ऑलराउंडर के लिए हार्दिक पांड्या सबसे प्रबल दावेदार हैं, जो मध्यम गति की गेंदबाजी के साथ साथ विस्फोटक बल्लेबाजी भी करते हैं। लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा अपनी उपयोगी बल्लेबाजी तथा जबरदस्त फील्डिंग के कारण विश्वकप टीम में जगह बना सकते हैं। पिछले कुछ समय से लगातार आजमाए जा रहे विजय शंकर भी ऑलराउंडर की भूमिका में उतर सकते हैं। पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर और मध्य क्रम के उपयोगी बल्लेबाज केदार जाधव इस भूमिका में जगह बना सकते हैं।

चाहर या सैनी का चुनाव हो सकता है सरप्राइज

टीम चयन में तेज गेंदबाजी आक्रमण पर भी निगाहें रहेंगी, जिनमें जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार तीनों प्रबल दावेदार देखे जा रहे हैं। इसके अलावा पांड्या भी तेज गेंदबाज ऑलराउंडर हैं जो चौथे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। चयनकर्ता यदि गेंदबाजी क्रम में चार तेज गेंदबाज विशेषज्ञ उतारने की सोचते हैं तो दीपक चाहर और नवदीप सैनी को मौका मिल सकता है। दोनों ही आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और विश्वकप टीम का ‘सरप्राइज’ हो सकते हैं।

कुलदीप-चहल की जगह है पक्की

कप्तान विराट आमतौर पर गेंदबाजी आक्रमण में तीन तेज गेंदबाज, एक विशेषज्ञ स्पिनर और एक ऑलराउंडर खेलाना पसंद करते हैं। स्पिनरों के लिए दोनों कलाई के स्पिनरों कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की जगह पक्की मानी जा रही है। पिछले दो सालों में ये दोनों गेंदबाज भारतीय टीम का हिस्सा रहे। जडेजा अपनी लेफ्ट आर्म स्पिन और केदार जाधव अपनी पार्ट टाइम ऑफ स्पिन से टीम को अतिरिक्त स्पिन विकल्प दे सकते हैं।

पृथ्वी शॉ पर भी खेला जा सकता है दांव

अंतिम एकादश में यदि सरप्राइज की बात की जाए तो मुंबई के युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ पर भी दांव खेला जा सकता है। इस विश्वकप का प्रारूप ऐसा है कि भारत को अन्य नौ टीमों के साथ एक एक मुकाबला खेलना है यानि नौ मैचों में भारत के पास ओपनिंग में तमाम विकल्प मौजूद रहने चाहिए। यदि ओपनिंग खराब रहती है तो टीम की बल्लेबाजी का सारा दारोमदार विराट के कंधो पर आ जाएगा।

चयनकतार्ओं को विश्वकप टीम चुनते समय इंग्लैंड की पिचों और वहां की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना होगा। इंग्लैंड की पिचें आमतौर पर स्विंग और तेज गेंदबाजी के लिए अनुकूल रहती है, जिनपर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। भारत ने 1983 में जब विश्वकप जीता था तब टीम में कपिल देव, रोजर बिन्नी, मदनलाल और बलविंदर सिंह संधू के रूप में चार स्विंग गेंदबाज थे, जिन्होंने वहां की परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए भारत को खिताब दिलाया था।

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