छत्तीसगढ़

इदरीस गांधी ने अजय चंद्राकर से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की

अजय चंद्राकर के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद असल हंगामा शुरू

रायपुर: खाद बनाने और लोगों की आय बढ़ाबे के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों से गोबर खरीदने के लिए गए फैसले पर पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय चंद्राकर के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद असल हंगामा शुरू हुआ.

दरअसल अजय चंद्राकर ने ट्विटर और फेसबुक पर लिखा कि- छत्तीसगढ़ के वर्तमान राजकीय चिन्ह को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी की अपार सफलता और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में “गोबर” के महत्व को देखते हुए इसे राजकीय प्रतीक चिन्ह बना देना चाहिए.

अब इस ट्विट को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी रिसर्च डिपार्टमेंट के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने अजय चंद्राकर की टिप्पणी पर तीखी नाराजगी जताते हुए अजय चंद्राकर से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है.

गांधी का कहना है कि छत्तीसगढ़ के प्रतीक चिन्ह को लेकर की गई अभद्र तुलना पर अजय चंद्राकर ने सफाई देने के बजाए ये साफ करना चाहिए कि छत्तीसगढ़ के प्रतीक चिन्ह के बदलाव के पीछे उनकी मंशा क्या थी ?

अजय चंद्राकर ने अपनी सुझाव रूपी मांग के जरिये अपमानजनक तुलना कर छत्तीसगढ़ की जनता को अपमानित करने का कुत्सित प्रयास किया है अब बचाव में उनकी ओर से दी गई सफाई बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है इदरीस गांधी ने अजय चंद्राकर के इस प्रयास को छत्तीसगढ़ के सम्मान के साथ-साथ प्रतीक चिन्ह के अपमान का दोषी भी ठहराया है.

उन्होंने मांग की है कि इस मामले में सरकार संज्ञान लेकर अजय चंद्राकर पर कानूनी कार्रवाई करें, गांधी का कहना है कि अजय चंद्राकर की कोई सफाई स्वीकार नहीं है इसलिए अजय चंद्राकर को जनता से अपने इस विवादित बयान के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए, चंद्राकर की सोशल मीडिया में की गई टिप्पणी से छत्तीसगढ़ की मानहानि हुई है.

मान हानि का एक लीगल नोटिस

इस लिए जनता से माफी मांगने पर ही अजय चंद्राकर के पाप धुल पाएंगे, इदरीस गांधी ने बताया कि अजय चंद्राकर द्वारा सार्वजनिक माफी नहीं मांगने पर इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस का रिचार्ज सेल बीजेपी विधायक को मान हानि का एक लीगल नोटिस भेजेगा.

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