राष्ट्रीय

पिता का बेटी से रेप करना सबसे घृणित अपराध, हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नौ साल की बेटी के साथ बलात्कार करने के मामले में उसके पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने कहा कि अपनी ही बेटी के साथ पिता की ओर से दुराचार करने से ज्यादा घृणित अपराध और कुछ नहीं हो सकता. उच्च न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा शख्स को सुनाई गयी सजा और जुर्माने को रद्द करने या बदलने से इनकार कर दिया और उसकी अपील को खारिज करते हुए कहा कि पिता ने अपराध को अंजाम दिया, जिसका कर्तव्य अपनी बेटी को दृढ़ता के साथ संरक्षण प्रदान करना था.

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने हाल के एक आदेश में कहा, ‘यह भी नहीं भूलना चाहिए कि यह एक बच्ची के साथ उसके ही पिता द्वारा दुष्कर्म का मामला है, जो अपराध के समय महज नौ साल की थी.’ पीठ ने दक्षिण पश्चिम दिल्ली निवासी शख्स को फरवरी 2013 में उम्रकैद की सजा के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा. बलात्कार और अप्राकृतिक यौन हमले के लिए उसे सजा सुनाई गयी थी.

निचली अदालत ने कहा था कि सजा साथ-साथ चलेगी और उसे कम से कम 20 साल की कैद भुगतनी होगी, जिसके बाद ही सरकार उसे कोई माफी दे सकती है.

Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *