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यदि जयंत सिन्हा सही हैं तो GDP में तेज गिरावट क्यों आई? : चिदंबरम

नई दिल्ली: कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के उन दावों को लेकर गुरुवार को सवाल उठाये जिसमे उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार द्वारा टसंरचनात्मक सुधारट से एक ‘न्यू इंडिया’ का निर्माण होगा. जयंत के पिता और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने एक लेख में अर्थव्यवस्था को ‘बिगाड़ने’ के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा था जिसके एक दिन बाद जयंत ने एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक में एक लेख में सरकार की आर्थिक नीतियों का आज बचाव किया.

जयंत के लेख को ‘पीआईबी की प्रेस विज्ञप्ति’ बताते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि सिन्हा को मालूम होना चाहिए कि प्रशासनिक बदलाव संरचनात्मक सुधार नहीं होते है.’’ उन्होंने ट्वीटर पर कई पोस्ट करके कहा “जयंत सिन्हा के लेख को पीआईबी की एक प्रेस विज्ञप्ति के रूप में पढ़ा जाना चाहिए.”

उन्होंने कहा, “यदि जयंत सिन्हा सही है तो पांच से अधिक तिमाहियों में जीडीपी में तेजी से गिरावट क्यों आयी. यदि जयंत सिन्हा सही है तो निजी निवेश में कोई वृद्धि क्यों नहीं हुई.”

चिदंबरम ने पूछा “यदि जयंत सिन्हा सही है तो उद्योग की ऋण वृद्धि नकारात्मक क्यों है. यदि जयंत सिन्हा सही है तो बिजली की खराब मांग क्यों है और प्लांट लोड फैक्टर 50-60 पर क्यों है.”

इससे पहले नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने चुनौतियों पर कई लेख लिखे जा चुके है. उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यवश ये लेख कुछ संकीर्ण तथ्यों से व्यापक निष्कर्षों को रेखांकित करते है.” उन्होंने कहा, “एक या दो तिमाही के नतीजों से अर्थव्यस्था का आकलन करना ठीक नहीं है और चल रहे संरचनात्मक सुधारों के लम्बे समय तक के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए यह आकड़े अपर्याप्त है.” जयंत ने कहा कि ये संरचनात्मक सुधार केवल वांछनीय नहीं है बल्कि इनकी जरूरत एक ‘न्यू इंडिया’ के निर्माण और बेहतर नौकरियां उपलब्ध कराने के लिए है.

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