यदि केतु सूर्य के साथ हो तो मन सदैव शंकालु बनाता है, आत्मविश्वास का अभाव देता

केतु युति:-

यदि केतु सूर्य के साथ हो तो मन सदैव शंकालु बनाता है, आत्मविश्वास का अभाव देता है।

चंद्र-केतु
युति पानी से भय व जीवन में संघर्ष दिखाती है। ऐसा जातक मानसिक तौर चितितं रहता है ऐसा जातक एक काम के लिए दस रास्ते प्लान करता है पर होता नी ऊपर से कुछ बोलने करने मे डर आगे आता है ऐसा जातक भगवान के मंदिर जाकर अधिक शिकायत करता रहता है मतलब खुद मे बडबडाता रहता है और रोता रहता है । अपनी भावनाये जाहिर नही कर पाता जिससे उदास रहता है बच्चे ऐसे मे गुमसुम और चिडचिडे रहे है.

मंगल-केतु
युति होने पर व्यक्ति जीवन में कोई रस नहीं लेता डर डर के जीता है या फिर औरो को मार कर जीता है उसमे दिमागी ताकत से अधिक शरीर की ताकत होती है पर वो उसका इस्माल सही जगह करे सभंव नही.

बुध-केतु
युति -जातक को बोलने और सुनने की क्षमता खराब रहती है खासतर कान के रोग पैदा हो जाते है सुर्य भी नीच का हो तो न सुन सकेगा न बोल सकेगा पर दिखने मे अच्छा होता है । ऐसे लोगो को मुहं का कैसंर भी हो जाता उनके दातं समय से पहले झडने व कमजोर होने लगते है यदि जन्म से पूव माता के ये योग हो तो बच्चे जीभ छोटी होती है देर से बोलना अटक अटक कर बोलना तुतलाना या फिर बोल नही पाना ऐ पाया जाता है । एक बात और ऐसे लोगो को धोखा हर चीज मे मिलता है।

गुरु-केतु
युति प्रतियुति आध्यात्म में रुचि देती है व सिद्धि मार्ग का रास्ता दिखाती है। केतु शुभ दृष्टि में हो तो जातक आध्यात्म-उपासना का मार्ग चुनता है व ईश्वर कृपा का भागी बनता है। बुध के साथ होने पर व्यक्ति मितभाषी होता है। पर तब इनमे आपस मे बनती नही एक फल देगा एक नही जिससे आदमी अपनी भावनाओ और आमदनी के लिए कनफ्यूज रहता है ऐसे जातक को धन सचंय करने मे परेशानी रहती है और अशुभता मे हालाद इतने दुख दायी दे बैठता है की उसको घर पालने के लिए एक एक रू का मोहताज बना देता है.

शुक्र केतू
युति शरीर को बिमारी से लडने की ताकत कम कर देता है बिना केतू की खराबी के शुक्र शुगर रोग नही देता चाहे वो साथ हो या नही । पत्नी बिमार रहती है शादी देर से होती है फिर होती है तो सुख नही होता । सबसे बडी बात औलाद सुख देर से या नही देता.

शनी–केतू
इन दोनो की युति जातक कर्म के लिए और अधिकार के लिए लडना सिखाती है ऐसे जातक अपना हक न मरने देते है न मारते है इनकी हर एक बात पर विशेष चीज आती है जिसका अहम हिस्सा होता है ऐ लोग काम तो कैसा भी हो कर जाते पर पढाई नही करते ऐ अकसर झगडे करने और चोटे खाने मशहूर ही रहते है मरने मारने से नही डरते इसलिए ऐ दूसरो की वजह से फसंते जल्दी दिमाग वाले लोग इनकी ताकत का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते है इसलिए झूठे केसो मे फंस भी जाते है।

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